जम्मू-कश्मीर विधानसभा का पहला सत्र 4 नवंबर से श्रीनगर में शुरू होने जा रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सत्र बुलाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। सत्र की शुरुआत सुबह 11:30 बजे उपराज्यपाल के संबोधन से होगी। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा, जिसमें नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता अब्दुल रहीम राथर को स्पीकर बनाए जाने की संभावना है, जबकि डिप्टी स्पीकर का पद भाजपा को मिल सकता है।
विधानसभा सत्र का विशेष महत्व यह विधानसभा सत्र जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत पहली बार हो रहा है। सत्र एक सप्ताह तक चलेगा और इसमें जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों पर अहम चर्चाएं होंगी। यह सत्र श्रीनगर में होगा, जो जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी है।
स्पीकर पद के लिए अब्दुल रहीम राथर का नाम सबसे आगे नेशनल कांफ्रेंस के दो वरिष्ठ नेताओं, अब्दुल रहीम राथर और अली मोहम्मद सागर, में से अब्दुल रहीम राथर का नाम स्पीकर पद के लिए सबसे आगे है। राथर जम्मू-कश्मीर में सात बार विधायक रह चुके हैं और वित्त मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनकी वरिष्ठता को देखते हुए स्पीकर पद उन्हें मिलने की संभावना अधिक है।
भाजपा को मिल सकता है डिप्टी स्पीकर का पद
डिप्टी स्पीकर पद के लिए भाजपा का नाम तय किया गया है। भाजपा विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल है, और उसके 29 विधायक हैं। परंपरा के अनुसार, डिप्टी स्पीकर का पद विपक्षी दल को दिया जाता है। इससे पहले भी पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के दौरान डिप्टी स्पीकर का पद विपक्षी पार्टी के पास था।
इस सत्र के दौरान राजनीतिक गलियारों में कई अहम फैसले और चर्चाएं होने की उम्मीद है, जो जम्मू-कश्मीर के भविष्य को नई दिशा दे सकती हैं।