रिपोर्ट: नंदनी
नोएडा: केंद्र के कृषि कानून को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी है। आज विरोध प्रदर्शन को 63 वें दिन पूरे हो गए है। कई बैठक भी हुई लेकिन सभी बैठकें बेनतीजा रहीं। जिसके बाद किसानों ने 26 जनवरी को ट्रक्टर रैली निकाली। हालांकि ये ट्रेक्टर रैली हिंसक हो गई।
किसान ट्रैक्टर रैली में हिंसक मोड़ के बाद मोबाइल इंटरनेट सेवा नोएडा में बंद कर दी गई थी। मोबाइल इंटरनेट सेवा के बंद करने का मकसद अफवाहों पर रोक लगाना था। सरकार ने किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सिंघू, गाजीपुर, टिकरी, नांगलोई और आस-पास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट बंद करने का आदेश दिया था। ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए गाजियाबाद और नोएडा के कुछ इलाकों में मंगलवार को ब्रॉडबैंड व मोबाइल इंटरनेट सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि, फरीदाबाद, पलवल के कुछ इलाकों में ब्रॉडबैंड सर्विसेज जारी रहीं।
किसान ट्रेक्टर रैली को मध्यनज़र रखते हुए बंद किये गए इनेर्नेट सेवा को नॉएडा में बहाल कर दिया गया है। आपको बता दें, राजधानी में उपद्रव के बाद अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक दिया गया था। इसमें आइटीओ, लालकिला समेत दिल्ली के कई इलाकों में हिंसा बढ़ने के कारण मोबाइल इंटरनेट सेवा पर सरकारी आदेश से रोक लगा दी गई थी। इसके अलावा नोएडा, गाजियाबाद के साथ ही हरियाणा के शहरों में भी ये रोक लगा दी गई थी।
सर्विस प्रोवाइडर कंपनी की ओर से वेबसाइट पर जानकारी दी गई था कि सरकार के निर्देशानुसार आपके क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थाई रूप से बंद कर दी गई हैं। साथ ही इस बात की जानकारी मोबाइल पर एसएमएस भी भेजा गया था. संदेश में आगे लिखा था कि ये सेवाएं सरकार के निर्देश मिलने के बाद ही शुरू की जाएगी।
आपको बता दें, मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद होने से तकरीबन 5 करोड़ लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिसके बाद लोग लगातार कस्टमर केयर सर्विस पर फोन कर रहे थे और अपडेट की जानकारी ले रहे थे। इतना ही नहीं, मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण ऑनलाइन क्लासेज भी प्रभावित हुए है।