पाकिस्तान के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बलूच लोगों के साथ सिंधी मानवाधिकार कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इन लोगों ने प्रधानमंत्री इमरान खान से मांग की कि वह बलूच युवकों की हत्या और अपहरण पर रोक लगाएं।
प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए और इमरान सरकार से सैन्य अभियान पर रोक लगाने की मांग की। इस अभियान में बीते कुछ हफ्तों के दौरान दर्जनों बलूच युवकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और नेताओं का सफाया कर दिया गया।
बलूच लोग अपने समुदाय के खिलाफ पाकिस्तानी सेना की बर्बरता को उजागर करने के लिए यूरोप, उत्तरी अमेरिका समेत दुनिया के कई बड़े शहरों में प्रदर्शन कर रहे हैं।
हाल में इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के 45वें सत्र में भी उठाया गया था। बलूच लोगों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले में दखल देने का आग्रह किया है। पाकिस्तान में सिंधी समुदाय भी इसी तरह के अत्याचार का सामना कर रहा है।
वर्ल्ड सिंधी समुदाय कनाडा के आयोजक हजान कल्होरो ने कहा, ‘हजारों बलूच और सिंधी लोगों का अपहरण कर लिया गया। हजारों को यातनाएं दी गई और मार डाला गया।
पाकिस्तान सरकार सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में अधिकारों, समानता और आजादी की मांग करने वालों के खिलाफ इसी तरह का बर्बर रवैया अपना रही है।