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बड़ी खबर : इंडियन आर्मी सिलेक्शन बोर्ड ने किया 5 महिला अधिकारियों का प्रमोशन, मिला कर्नल रैंक, SC के आदेश के बाद खुला था रास्ता

इंडियन आर्मी सिलेक्शन बोर्ड ने पांच महिला अधिकारियों को कर्नल रैंक में प्रमोशन किया है। यह पहली बार है जब कोर ऑफ सिग्नल, कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) और कोर ऑफ इंजीनियर्स के साथ सर्विस में रहते हुए महिला अधिकारियों को कर्नल के पद पर मंजूरी दी गई है। पहले, कर्नल के पद पर प्रमोशन केवल आर्मी मेडिकल कोर (AMC), जज एडवोकेट जनरल (JAG) और सेना शिक्षा कोर (AEC) में महिला अधिकारियों के लिए लागू थी।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : इंडियन आर्मी सिलेक्शन बोर्ड ने पांच महिला अधिकारियों को कर्नल रैंक में प्रमोशन किया है। यह पहली बार है जब कोर ऑफ सिग्नल, कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) और कोर ऑफ इंजीनियर्स के साथ सर्विस में रहते हुए महिला अधिकारियों को कर्नल के पद पर मंजूरी दी गई है। पहले, कर्नल के पद पर प्रमोशन केवल आर्मी मेडिकल कोर (AMC), जज एडवोकेट जनरल (JAG) और सेना शिक्षा कोर (AEC) में महिला अधिकारियों के लिए लागू थी। आपको बता दें कि ये प्रमोशन टाइम स्केल के हिसाब से की गई है।

महिला अधिकारियों के लिए बढ़े अवसर

भारतीय सेना का यह कदम महिला अधिकारियों के लिए करियर के बढ़ते अवसरों का संकेत है। भारतीय सेना की ज्यादातर ब्रांच से महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के निर्णय के साथ, यह कदम एक जेंडर-न्यूट्रल आर्मी के प्रति भारतीय सेना के दृष्टिकोण को परिभाषित करता है। कर्नल टाइम स्केल रैंक के लिए चुनी गई पांच महिला अधिकारियों में कोर ऑफ सिग्नल से लेफ्टिनेंट कर्नल संगीता सरदाना, ईएमई कोर से लेफ्टिनेंट कर्नल सोनिया आनंद और लेफ्टिनेंट कर्नल नवनीत दुग्गल और कोर ऑफ इंजीनियर्स से लेफ्टिनेंट कर्नल रीनू खन्ना और लेफ्टिनेंट कर्नल रिचा सागर हैं।

बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इंडियन आर्मी ने 615 महिला अधिकारियों के लिए परमानेंट कमिशन का स्पेशल बोर्ड बैठाया था। जिसमें करीब 50 महिला अधिकारियों ने स्वेच्छा से आगे सर्विस करने से मना कर दिया। 277 महिला अधिकारियों को परमानेंट कमिशन दिया गया।

कुछ महिला अधिकारी जो इस स्क्रीनिंग में बाहर हो गई थी, कोर्ट ने उनके मामले को फिर से देखने के निर्देश दिए। जिसके बाद अब 147 और महिला अधिकारियों को परमानेंट कमिशन दिया गया। इस तरह कुल 615 महिला अधिकारियों को कंसीडर किया गया जिनमें से 424 को परमानेंट कमिशन दे दिया गया।

NDA  एंट्रेंस एग्जाम की परमीशन

पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पारित किया, जिसमें महिलाओं को नेशनल डिफेंस अकेडमी (NDA) में एंट्रेंस एग्जाम देने की परमीशन दी गई, जहां पहले केवल पुरुष ही शामिल हो सकते थे। केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने तर्क दिया कि यह सरकार का नीतिगत निर्णय है। केंद्र की दलील से असहमत, जस्टिस संजय किशन कौल और हृषिकेश रॉय की पीठ ने कहा कि यह लैंगिक भेदभाव पर आधारित एक नीतिगत निर्णय है। केंद्र को रचनात्मक दृष्टिकोण रखना चाहिए।

कोर्ट ने की थी सख्त टीप्पणी

शीर्ष अदालत ने महिलाओं के लिए अवसरों का विरोध करने के लिए सेना की खिंचाई की और उसे अपना रवैया बदलने और ऐसे मामलों में न्यायिक आदेश पारित होने का इंतजार नहीं करने को कहा। अदालत ने निर्देश दिया कि महिलाएं NDA में प्रवेश के लिए परीक्षा में बैठ सकती हैं, जो 5 सितंबर को निर्धारित है। कोर्ट ने कहा कि प्रवेश आदि उसके अंतिम आदेश के अधीन होंगे। पीठ ने कहा कि एनडीए में महिलाओं के लिए बार नहीं बना सकते।

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