रतलाम जिले में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे एक पटवारी पर हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि आलोट क्षेत्र में अवैध उत्खनन रोकने पहुंचे पटवारी अजय चौहान के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद इलाके में अवैध खनन गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, देवगढ़ और हिम्मतखेड़ी पंचायत क्षेत्र में पदस्थ पटवारी अजय चौहान शासकीय कार्य से क्षेत्र में पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें नाले के पास एक बुलडोजर से उत्खनन होता दिखाई दिया।पटवारी ने मशीन संचालक से उत्खनन से जुड़े दस्तावेज और अनुमति पत्र मांगे। आरोप है कि दस्तावेज नहीं मिलने पर उन्होंने पंचनामा तैयार कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचे 4 से 5 लोगों ने पटवारी के साथ मारपीट की। हमलावरों पर बुलडोजर के बकेट से हमला करने और वाहन से कुचलने का प्रयास करने के आरोप लगाए गए हैं।घटना में पटवारी का हाथ गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उन्हें पहले आलोट के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें रतलाम के निजी अस्पताल रेफर किया गया।
घटना के दौरान हमलावरों ने कथित तौर पर कार्रवाई से संबंधित पंचनामा छीनकर फाड़ दिया और मौके से फरार हो गए। इस घटना को सरकारी कार्य में बाधा और कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

मौके पर मौजूद चौकीदार भगवान लाल ने बताया कि हमला करने वाले लोग स्थानीय क्षेत्र के नहीं थे। उनके अनुसार, आरोपी मानुनिया महादेव क्षेत्र की ओर से आए थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद अन्य कर्मचारी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल पटवारी को अस्पताल पहुंचाया।
इस घटना के बाद जिले में अवैध खनन को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सरकारी कर्मचारी पर हमले की घटना ने यह चिंता बढ़ा दी है कि यदि कार्रवाई करने वाले अधिकारी-कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण कैसे किया जाएगा।
फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। अब निगाह इस बात पर है कि पुलिस इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कितनी जल्द कार्रवाई करती है और अवैध खनन से जुड़े नेटवर्क तक पहुंच पाती है या नहीं।