नर्मदापुरम में लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। लाखों रुपये की लागत से तैयार किए गए इन क्लिनिक भवनों को स्वास्थ्य विभाग को सौंपे जाने के बावजूद अब तक संचालन प्रारंभ नहीं हुआ है।
नगर पालिका द्वारा हाउसिंग बोर्ड, ग्वालटोली, प्रताप नगर, दशहरा मैदान, भीलपुरा और मालाखेड़ी क्षेत्रों में संजीवनी क्लिनिक भवनों का निर्माण कराया गया है। इनमें से तीन भवन पूरी तरह तैयार होकर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित किए जा चुके हैं, जबकि एक भवन हैंडओवर की प्रक्रिया में है और दो का निर्माण कार्य अभी जारी है।
नियमों के अनुसार इन क्लिनिकों के संचालन की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है, लेकिन पर्याप्त डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण सेवाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। यही कारण है कि तैयार भवन होने के बावजूद आमजन को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

हाउसिंग बोर्ड, दशहरा मैदान और प्रताप नगर स्थित तैयार क्लिनिक भवन अब देखरेख के अभाव में जर्जर स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं। कहीं झाड़ियां उग आई हैं तो कहीं भवनों में क्षति के संकेत दिखाई देने लगे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मानव संसाधन की उपलब्धता के लिए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। पद स्वीकृत होते ही डॉक्टरों और स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी, जिसके बाद इन क्लिनिकों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें घर के पास ही प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।