दुनियाभर में कोरोना महामारी का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारत समेत कई देशों में लंबे वक्त तक लॉकडाउन के बाद अब प्रतिबंधों में ढील दी गई है लेकिन कई देशों में कोरोना संकट का कहर इतना ज्यादा है कि वहां आपातकाल जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
इनमें से एक देश है इटली। इटली कोरोना वायरस की शुरुआत में इसका सामना करने वाला दुनिया का तीसरा देश था। अब इटली में एक बार फिर से कोरोना वायरस के कारण आपातकाल को बढ़ाने की तैयारी हो रही है।
इटली के दो राष्ट्रीय अखबारों ने इस खबर की पुष्टि की है। इटली के राष्ट्रीय अखबारों के मुताबिक, इटली में सरकार कोरोना के कारण पैदा हुए हालात को देखते हुए 31 जनवरी तक आपातकाल को बढ़ाने की योजना बना रहा है।
बता दें कि इटली में अक्टूबर के मध्य में आपातकाल की समय सीमा समाप्त हो रही है। आपातकाल लागू करने से देश में सरकार को कई तरह की शक्तियां मिल जाती हैं। इससे सरकार को अधिक शक्तियां मिल जाती हैं।
Dailies Il Messagero और Corriere della Sera ने कहा कि सरकारी की एक कैबिनेट बैठक में बुधवार देर रात इस मुद्दे पर चर्चा हुई। Dailies Il Messagero ने कहा है कि यह अभी तक आधिकारिक नहीं है लेकिन सरकार पहले इसे 31 दिसंबर तक आगे बढ़ाने पर विचार कर रही थी लेकिन अब इसे अगले साल भी लागू किए जाने की योजना बनाई जा रही है।
इटली में एक बार फिर स्कूलों में रौनक लौट आई है। कोरोना महामारी के दौरान सात महीनों तक यहां के स्कूलों में ताले लटके रहे। शहर में कोरोना प्रसार के मद्देनजर फरवरी महीने में स्कूलों को बंद कर दिया गया था।
बता दे कोडोग्रो शहर में कोरोना वायरस का सर्वाधिक प्रकोप रहा। इसके चलते शहर में कठोर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इटली के सभी 80 लाख स्कूली छात्रों को दो महीने के सख्त लॉकडाउन में रहना पड़ा, लेकिन कोडोग्रो शहर के बच्चों को इसका लंबा सामना करना पड़ा