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पेरेंट्स एसोसिएशन के गूगल सर्वे में कोरोना की तीसरी लहर से डरे 93 फीसदी अभिभावको ने बच्चो को स्कूल भेजने से किया इनकार

योगी सरकार की नीति का ही परिणाम है कि यूपी में कोरोना महामारी दम तोड़ती नजर आ रही है। कोरोना महामारी के कंट्रोल होने पर सरकार कोविड कर्फ्यू में थोड़ी राहत दी है

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट: प्रवीण अरोड़ा/ सत्यम दुबे

गाजियाबाद: योगी सरकार की नीति का ही परिणाम है कि यूपी में कोरोना महामारी दम तोड़ती नजर आ रही है। कोरोना महामारी के कंट्रोल होने पर सरकार कोविड कर्फ्यू में थोड़ी राहत दी है। अब शनिवार को भी जारी गाइडलाइन के अनुसार अन्य दिनों की तरह छूट रहेगी। इसके साथ ही गुरुवार को 54 जिलें में एक भी कोरोना के नये मामले सामने नहीं आयें हैं। योगी सरकार 16 अगस्त से स्कूलों को खोलने जा रही है। इसके लिए गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने योगी सरकार के 16 अगस्त से स्कूल खोलने के निर्णय को लेकर अभिभावको की बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर राय जानने के लिये गूगल सर्वे कराया गया।

 

इस सर्वे में चार सौ पचास से ज्यादा अभिभावको ने हिस्सा लिया जिसमे 90.4% अभिभावक प्रदेश सरकार द्वारा 16 अगस्त से स्कूल खोलने के निर्णय से असहमति जताई है। वहीं अभिभावकों से पूछा गया कि क्या बिना वैक्सीन लगे आप बच्चो को स्कूल भेजेंगे? इसके जवाब में 93.1% अभिभावको ने बच्चो को बिना वैक्सीन लगे स्कूल नही भेजने पर सहमति जताई है।

वहीं इस सर्वें में अभिभावकों से पूछा गया कि क्या स्कूल सरकार द्वारा जारी कोविड के दिशा निर्देशों का पालन कर पाएंगे?  इस प्रश्न के जबाब में 90% अभिभावक ने कहा कि बच्चे कोविड के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर पायेंगे। आपको बता दें कि कुछ राज्य सरकारो ने 2 अगस्त से स्कूल खोले है। पंजाब , छत्तीसगढ़ , उत्तरराखण्ड से बच्चों के कोरोना से संक्रमित होने की खबर आ रही है, जिससे पेरेंट्स में डर बना हुआ है।

वहीं वैज्ञानिक और  डॉक्टर आशंका जता रहें हैं कि सितंबर-अक्टूबर में कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना है। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा है। ऐसे में 16 अगस्त से योगी सरकार के स्कूल खोलने के फैसले पर पेरेंट्स बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर कोई रिस्क लेने के लिए तैयार नही है।

ज्यादातर पेरेंट्स का कहना है कि अभी सरकार को बच्चों के लिए स्कूल नही खोलना चाहिए छोटे बच्चों का स्कूल जाकर नियमो का पालन करना लगभग असंभव है, जिसको देखते हुये सर्वे में शामिल हुई 93 % पेरेंट्स ने बच्चों को स्कूल भेजने पर असहमति जताई है।

GPA की अध्य्क्ष सीमा त्यागी ने बताया कि देश के डॉक्टर्स , वरिष्ठ वैज्ञानिक और मीडिया लगातार देश की जनता और सरकार को कोरोना की तीसरी लहर के आने की चेतावनी दे रहे है। विशेष तौर से कह रहे है कि यह लहर बच्चों के लिए ज्यादा घातक साबित हो सकती है। इसलिये सरकार को अभी बच्चों के लिए स्कूल खोलने के निर्णय पर विराम लगा कर तीसरी लहर के प्रकोप से देश की जनता और बच्चों को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी शरू करनी चाहिए।

इसके साथ ही बच्चों को जल्दी से जल्दी वैक्सीन उपलब्ध कराने की तैयारी कर देश की युवा पीढ़ी को सुरक्षा कवच देना चाहिए।

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