फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाएं जाने वाला त्यौहार होली नजदीक ही है, और हम सब रंगो में भीगने के लिए बैचन है। लेकिन क्या आपको पता है आज यानी अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक होलाष्टक लग जाता है। ऐसे में शास्त्र के अनुसार इन 8 दिनों में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इस बार होलाष्टक 3 मार्च से शुरु हो रहा है, जो होलिका दहन तक रहेगा।
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इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए, और इसके पीछे कारण भी है। दरअसल प्रह्लाद की भक्ति से नाराज होकर हिरण्यकश्यप ने होली से आठ दिन पहले उसे कई तरह के कष्ट और यातनाएं दीं। जिसकी वजह से इस समय को अशुभ कहा जाता है।
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दरअसल शादी का बंधन बेहद पवित्र और शुभ माना गया है। यही कारण है कि हिंदू धर्म मे होलाष्टक में विवाह करने की मनाही होती है। वही नामकरण संस्कार को भी इन दिनों में नहीं किया जाता है। बच्चों की शिक्षा की शुरुआत भी इस काल में नहीं की जानी चाहिए।
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शिक्षा किसी के भी जीवन के सबसे शुभ कार्यों में से एक है इसलिए इसको भी किसी शुभ मुहूर्त में शुरू करवानी चाहिए। आप नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं या फिर कोई नई नौकरी शुरू करने वाले हैं तो अच्छा होगा उसके लिए होलाष्टक के दिनों को न चुने। होलाष्टक के बाद इन कार्यों को करें।