रिपोर्ट: गीतांजली लोहनी
हिमाचल प्रदेश: आज पूरा देश महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बम-बम बोले के जयकारों से गूंज रहा है । हर जगह भोले के भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने में लगे है। शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। सभी भक्त भगवान भोले की पसंदीदा चीजों से उन्हें भोग लगा रहे है।
वैसे तो आमतौर पर महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को भांग, धतूरा और बेलपत्र चढ़ाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि भारत में कई मंदिर ऐसे भी है जहां भोले बाबा को अलग-अलग अनोखी चीजों का भोग लगाया जाता है। ऐसे ही आज हम आपको हिमाचल प्रदेश के अर्की में स्थित भगवान शिव के मंदिर के बारे में बताने जा रहे है। जहां शिव भक्त भगवान को खुश करने के लिए सिगरेट का भोग लगाते है। जी हां आपको जानकर बड़ा ही आश्चर्य हो रहा होगा पर ये बात बिल्कुल सच है कि इस मंदिर भोले के भक्त अलग-अलग ब्रांड्स के सिगरेट भगवान को चढ़ाते है।
बता दें कि ये मंदिर हिमाचल प्रदेश के अर्की सोलन जिले में स्थित लुटरू महादेव के मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां हर साल महशिवरात्रि के दिन भक्तों की भीड़ लगी रहती है। और इस मंदिर की मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। एक गुफा मे स्थित इस मंदिर के अंदर बिल्कुल बीचों-बीच में 8 इंच का एक शिवलिंग है। ये एक प्राकृतिक शिवलिंग है, जिसकी पूजा करने दूर-दराज से लोग यहां आते है।

बता दें कि इस स्वनिर्मित शिवलिंग में कई छेद हैं। और इस छेद वाले शिवलिंग को देख किसी को समझ नहीं आता कि शिवलिंग में इतने छेद कैसे हुए? बताया जाता है कि भगवान ने ही इसमें ये छेद किये हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि ये मंदिर इन्हीं छेदों में भरे जाने वाले भोग की वजह से ही प्रसिद्ध है। शिवलिंग के इन छेदों में भक्तजन आम चढ़ावा नहीं चढ़ाते है बल्कि इन छेदों में अलग-अलग ब्रांड्स की सिगरेट भरी जाती है।

और सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो ये है कि जैसे ही शिवलिंग के छेदों में भगवान भोले को सिगरेट फंसायी जाती है वैसे ही ये सुलगने लगती है और ऐसा लगता है मानो कोई कश लगा रहा हो। इसी के साथ ये सिगरेट बीच में कभी बुझती भी नहीं है जब सिगरेट पूरी खत्म होती है उसी के बाद ये सिगरेट अपने आप बुझ जाती है।
