लखनऊ: हाथरस कांड में हमलावर विपक्ष की आवाज को शांत करने के लिए बड़ा फैसला किया है। योगी सरकार ने हाथरस के एसपी को उनके पद से निलंबित कर दिया है।
एसपी के साथ साथ डीएसपी और इंस्पेक्टर को भी निलंबित किया गया है। इसेक साथ एसपी और डीएसपी का नार्को टेस्ट भी कराया जाएगा।
हाथरस जिला प्रशासन पर आरोप है कि उससे हालात को समझने में भूल हुई और विपक्ष को यूपी सरकार को घेरने का बड़ा हथियार मिल गया।
योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक ट्वीट किया था जिसके बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि यूपी पुलिस कोई न कोई बड़ी कार्रवाई करेगी।
हाथरस जिला प्रशासन पर थे संगीन आरोप
हाथरस जिला प्रशासन पर न केवल राजनीतिक दल बल्कि मीडिया का भी आरोप है कि कुछ न कुछ छिपाया जा रहा है।
पीड़ित के परिवार ने हाथरस के डीएम पर संगीन आरोप लगाए हैं कि किस तरह से वो दबाव बना रहे हैं। वो बार बार कह रहे हैं कि जो लोग आवाज उठा रहे हैं वो कुछ दिनों के बाद चले जाएंगे।
प्रशासन ही रह जाएगा इसलिए विवाद को जन्म न दें। इसके अलावा पीड़ित परिवार का कहना है कि डीएम साहब ने खुद उसके ताऊ की छाती पर लात मारी थी।