उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप को लेकर योगी सरकार ने आज एक बड़ा दावा किया है। यूपी की सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि हाथरस के बहाने यूपी को जातीय दंगों की आग में जलाने की साजिश रची गयी।
रिपोर्ट के मुताबिक एक फर्जी वेबसाइट रातों रात बनायी गयी और इसके ज़रिए जातीय दंगे कराने की साजिश रची गई। जिसके बाद से ही कई वेबसाइट सरकार के निशाने पर हैं। दरअसल, जस्टिस फॉर हाथरस जैसे सोशल मीडिया हैंडल पर कई आपत्तिजनक निर्देश सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी तहकीकात की, जिसमें पता चला एंटी सीएए के तर्ज पर हाथरस मामले को फैलाने की तैयारी हो रही थी।
जिन्हें विकास अच्छा नहीं लग रहा है, वह जातीय और सांप्रदायिक दंगा भड़काना चाहते हैं।
इन दंगों की आड़ में उन्हें राजनीतिक रोटियां सेंकने का अवसर मिलेगा,इसलिए वे नित नए षड्यंत्र करते हैं,इन षड्यंत्रों के प्रति पूरी तरह आगाह होते हुए हमें विकास की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना है। pic.twitter.com/vbo7yUgH7H
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 4, 2020
जांच एजेंसियों के शिकंजा कसते ही रातों रात यह वेबसाइट बंद हो गई। रात में छापेमारी होते ही वेबसाइट तो बंद हो गई, लेकिन एजेंसियों के पास वेबसाइट के सारे कंटेंट मौजूद हैं। उस निर्देश में कहा गया कि वैस्लीन, सनस्क्रीन, तेल ना लगाएं, इससे केमिकल का असर होगा साथ ही कॉन्टेक्ट लैंस ना पहनें, केमिकल से आंखों को नुकसान हो सकता है
दावों के अनुसार उस निर्देश में आगे लिखा था कि कोई भी गहने, टाई, ब्रैंडेड कपड़े जैसी चीजें ना पहने, वो आसानी से पकड़े जा सकते हैं और पड़के जाने का खतरा है। साथ ही कोई भी बाल को खुला न रखे ताकि कोई आसानी से पड़ में न आये।
आगे और भी बाते लिखा था जैसे काले-ढीले कपड़े पहनें, और स्वीमिंग चश्में पहने जिससे आंखों को टियर गैस से बचा सकें। पानी में भीगी पट्टी बांधे, इससे केमिकल से बचाव होगा साथ ही पूरे शरीर को ढंक कर रखे जिससे मिर्ची पाउडर से बच सकें और पैरों में स्नीकर पहनें, इससे भागने में आसानी रहेगी। और साइकिल हैट पहनें, टियर गैस से बच सकते हैं।
हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और जुड़े सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल के उद्देश्य से @UPGovt इस प्रकरण की विवेचना केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के माध्यम से कराने की संस्तुति कर रही है।
इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 3, 2020
निर्देश में यह भी लिखा था कि ग्लव्स पहनें, इससे गर्म टियर गैस को वापस भेज सकते हैं। दंगो करने की जगह की पहचान करें और कोई भी प्लानिंग न करे और अगर जरूरत पड़ने पर कहां छिपना है, पहले से तय करें जिससे आसानी से छुपा जा सके। पुलिस को देखते ही गैस मास्क पहनें और पुलिस के पकड़ में आये बिना पुलिस की कार्रवाई का वीडियो बना लें।
कही भी अकेले ना जाएं, किसी रिश्तेदार या परिचित को साथ ले जाएं। क्रेडिट कार्ड, एटीएम ना ले जाएं, कैश का इस्तेमाल करें जिससे पुलिस आसानी से पहचान कर सके ऐसे कोई भी काम न करे साथ ही न पाचन पत्र न रखे।इस सब बातों पर सरकार का दावा है कि पीएफआई जैसे संगठन अफवाह फैलाने में शामिल हो सकते हैं।
यूपी सरकार के मुताबिक, प्रदेश में यूपी में जातीय दंगों की साजिश कराकर दुनिया मैं पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की छवि खराब करने के लिए जस्टिस फार हाथरस नाम से रातों रात वेबसाइट तैयार हुई। वेबसाइट में फर्जी आईडी के जरिए हजारों लोग जोड़े गए।
यूपी सरकार का दावा है कि विरोध प्रदर्शन की आड़ में वेबसाइट पर देश और प्रदेश में दंगे कराने और दंगों के बाद बचने का तरीका बताया गया। मदद के बहाने दंगों के लिए फंडिंग की जा रही थी। फंडिंग की बदौलत अफवाहें फैलाने के लिए सोशल मीडिया के दुरूपयोग के भी सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियों के हाथ वेबसाइट की डिटेल्स और पुख्ता जानकारी लगी है।
उत्तर प्रदेश में माताओं-बहनों के सम्मान-स्वाभिमान को क्षति पहुंचाने का विचार मात्र रखने वालों का समूल नाश सुनिश्चित है।
इन्हें ऐसा दंड मिलेगा जो भविष्य में उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
आपकी @UPGovt प्रत्येक माता-बहन की सुरक्षा व विकास हेतु संकल्पबद्ध है।
यह हमारा संकल्प है-वचन है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 2, 2020
यूपी सरकार के मुताबिक, वेबसाइट में चेहरे पर मास्क लगाकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को विरोध प्रदर्शन की आड़ में निशाना बनाने की रणनीति बताई गई। बहुसंख्यकों में फूट डालने और प्रदेश में नफरत का बीज बोने के लिए तरह-तरह की तरकीबें बताई गई. वेबसाइट पर बेहद आपत्तिजनक कंटेंट मिले।
यूपी सरकार का दावा है कि हाथरस की घटना को इस्तेमाल करके देशभर में आपसी नफरत पैदा करने की कोशिश की गई है। इसके लिए मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए फेक न्यूज, तस्वीरों, अफवाहों, के द्वारा दंगा भड़काने के लिए इस्तेमाल किया गया है।
कांग्रेस ने इस खबर को सरकार की नाकामी बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार इस तरह की खबरों के जरिए अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गैरजिम्मेदार बयानबाजी कर रहे हैं। अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा, ”मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि हिंसा की साजिश हो रही है। खुद कार्रवाई नहीं कर पा रहे है, अपनी भूमिका पारदर्शी तरीके से नहीं दिखा रहे हैं। कौन उत्तेजक बातें कर रहा है, कौन सभाएम कर रहा है धारा 144 के बावजूद।”