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हाथरस में हुई घटना को लेकर योगी सरकार से इस्तीफे की मांग

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हाथरस जिले के चंदपा थाने के गांव में 14 सितंबर की सुबह 19 वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गाय। परिवार वालों का आरोप है कि सुबह साढ़े नौ बजे के करीब चार दबंगों ने लड़की के साथ गैंग रेप किया। घटना के 9 दिन बाद लड़की होश में आई तो इशारों से अपना दर्द बयान किया।

पीड़िता को पहले अलीगढ़ में इलाज के लिए भेजा गया और वहां हालात बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भेजा गया, इलाज के दौरान पीड़िता की मृत्यु हो गई। हाथरस पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

लेकिन यूपी पुलिस ने ऐसा बर्ताव कर दिया है जिससे लोगों का पुलिस पर से भरोसा उठा दिया है। पुलिस ने अपनी मर्जी से हैवानियत की शिकार लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया जिसके बाद से सभी अपनी पार्टी योगी सरकार को अपने सवालों से घेरा बंदी करने की कर रही है।

इस घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी के आल इंडिया महिला कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा “काली रात के अँधेरे में मानवता की चिता।”

इस दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि “एक दलित बेटी के साथ बलात्कार के बाद जघन्य हत्या कर दी गई- भाजपा सरकार मौन रही। कल आधी रात को उस बेटी का शव जलाकर भाजपा सरकार ने भावनाओं, संवेदनाओं, नैतिकता और इंसानियत की हत्या कर दी। ये अंतिम संस्कार नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस क्रूरता के लिए इस्तीफा देना होगा।”
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कहा  “हाथरस में वाल्मीकि समाज के परिवार पर अत्याचार व बर्बरता की सब हदें पार ! माँ-बाप से बेटी के अंतिम संस्कार का हक़ कैसे और क्यों छीना? माँ से बेटी की अंतिम यात्रा के रीतिरिवाज तक क्यों नही पूरे करने दिए? रात के अंधेरे में ढाई बजे अंतिम संस्कार क्यों किया? योगी इस्तीफ़ा दो!”
प्रियंका गाँधी वाड्रा ने राहुल गाँधी के ट्वीट को रीट्वीट करके लाहा कि “रात को 2.30 बजे परिजन गिड़गिड़ाते रहे लेकिन हाथरस की पीड़िता के शरीर को उप्र प्रशासन ने जबरन जला दिया। जब वह जीवित थी तब सरकार ने उसे सुरक्षा नहीं दी। जब उस पर हमला हुआ सरकार ने समय पर इलाज नहीं दिया। पीड़िता की मृत्यु के बाद सरकार ने परिजनों से बेटी के अंतिम संस्कार का..”
“..अधिकार छीना और मृतका को सम्मान तक नहीं दिया। घोर अमानवीयता। आपने अपराध रोका नहीं बल्कि अपराधियों की तरह व्यवहार किया।अत्याचार रोका नहीं, एक मासूम बच्ची और उसके परिवार पर दुगना अत्याचार किया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस्तीफा दो। आपके शासन में न्याय नहीं, सिर्फ अन्याय का बोलबाला है।”
भारत की एक बेटी का रेप-क़त्ल किया जाता है, तथ्य दबाए जाते हैं और अन्त में उसके परिवार से अंतिम संस्कार का हक़ भी छीन लिया जाता है। ये अपमानजनक और अन्यायपूर्ण है।
इस घटना के बाद से विपक्ष सरकार पर निशाना साधते हुए योगी सरकार से इस्तीफा की मांग कर रहा है।
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