हाथरस में हुए केस को लेकर देश में सियासत अलग ही चरम सीमा पर पहुंच गया है। इस केस को लेकर सभी पार्टी सियासत कर रही है। इस घटना को लेकर इन्साफ की मांग हो रही है और देशवासियो का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
सभी पार्टी देश में अलग अलग जगह पर इंसाफ को लेकर प्रदर्शन कर रही है। जिसको लेकर यूपी सरकार सख्ती में आ रही है।
हाथरस में पुलिस ने रेप पीड़िता के गांव में पूरी तरह से किलेबंदी कर दी है और नेताओं से लेकर मीडिया की एंट्री को बैन कर रखा है। किसी भी नेता या मीडिया वालों को पीड़िता के घर तक जाने नहीं दिया जा रहा है।
गुरुवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेसी नेता हाथरस जाने की कोशिश में थे, मगर पुलिस ने उन्हें भी नहीं जाने दिया। ठीक उसी तरह आज यानी शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसदों को भी पुलिस ने गांव में प्रवेश करने से रोक दिया है।
फिलहाल, हाथरस कांड के बाद से योगी सरकार और यूपी पुलिस विपक्ष के निशाने पर आ चुकी है।
While @myogiadityanath’s government is busy burning the daughters of the country, @AITCofficial MP @kakoligdastidar asks serious questions to the @Uppolice in #Hathras who have time and again failed to protect the daughters of the country! #HathrasHorror pic.twitter.com/0cd048a8wl
— Banglar Gorbo Mamata (@BanglarGorboMB) October 2, 2020
हाथरस में पीड़ित परिवार के गांव के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है। इतना ही नहीं, हाथरस पीड़िता के घर जाने के क्रम में टीएमसी प्रतिनिधि मंडल में शामिल डेरेक ओ ब्रायन के साथ धक्का-मुक्की की गई है।
पीड़िता के परिवार से मिलने की जिद पर अड़े टीएमसी सांसदों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई है और फिर डेरेक ओ ब्रायन गिर गिए।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने मृतक पीड़िता के गांव को पूरी तरह से सील कर दिया है। हाथरस में धारा 144 लगा दी है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को भी जाने से रोका जा रहा है। गांव में भी किसी को भी एंट्री नहीं दी जा रही है।