रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से देश में हाहाकार मचा हुआ है। लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। सरकार के इस खास फैसले से तेल की कीमतों से आम जनता को राहत मिल सकती है।
आपको बता दें कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में बयान देते हुए जानकारी दी कि देश में पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों को एकसमान बनाये रखने के लिये कोई योजना विचाराधीन नहीं है और अभी तक जीएसटी परिषद ने तेल और गैस को जीएसटी में शामिल करने की कोई सिफारिश नहीं की है।
उन्होने आगे कहा कि पेट्रोल, डीजल की कीमतों का निर्धारण वैश्विक बाजार में चल रहे रेट के आधार पर किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत अपनी ईंधन की कुल जरूरतों का करीब 85 फीसदी दूसरे देशों से आयात करता है और वैश्विक बाजार में कीमतों का निर्धारण तेल का आयात उत्पादन और निर्यात करने वाले देश करते हैं।
सोमवार को लोकसभा में उदय प्रताप सिंह और रोडमल नागर के प्रश्न के लिखित उत्तर में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह जानकारी दी। सदस्यों ने लोकसभा में पूछा था कि क्या सरकार पूरे देश में पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों को एकसमान बनाये रखने के लिये कोई योजना तैयार कर रही है?
इस प्रश्न के जवाब में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘‘ ऐसी कोई योजना सरकार के समक्ष विचाराधीन नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल के मूल्य, वैट (मूल्य वर्धित कर), स्थानीय वसूलियों जैसे घटकों के कारण विभिन्न बाजारों में अलग-अलग होते हैं।
आपको बता दें कि हरदीप सिंह पूरी ने एक और प्रश्न के उत्तर में कहा कि साल 2010 से संप्रग सरकार के समय से ही पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों के आधार पर तय होती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय उत्पाद शुल्क के रूप में 32 रूपये लिये जाते हैं और इसका उपयोग 80 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत सहायता देने के अलावा लोगों को नि:शुल्क टीका लगाने, न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि में किया जाता है।