गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव की मतगणना में हर चरण के साथ मुकाबले की तस्वीर बदल रही है। पहले और दूसरे राउंड में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। तीसरे राउंड में राजीव यादव ने बढ़त बना ली, लेकिन चौथे और अंतिम राउंड की प्रथम वरीयता के मतों की गणना पूरी होने के बाद ध्रुव कुमार त्रिपाठी 466 मतों से आगे निकल गए। हालांकि इसके बाद शुरू हुई द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती ने मुकाबले को एक बार फिर दिलचस्प बना दिया है। ताजा अपडेट के मुताबिक, ध्रुव त्रिपाठी की बढ़त घटकर 447 मतों पर पहुंच गई है। अब तक 9 प्रत्याशी एलिमिनेट हो चुके हैं और लगभग 15,700 मतपत्रों की गणना शेष बताई जा रही है। ऐसे में सवाल है कि क्या राजीव यादव इस अंतर को पाट पाएंगे या ध्रुव त्रिपाठी अपनी बढ़त बरकरार रखेंगे?
गोरखपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय में 27 अक्टूबर को शुरू हुई मतगणना के दौरान शुरुआती रुझानों से ही दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला। पहले राउंड की गणना में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को 3,813 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को 3,703 मत प्राप्त हुए। इस चरण में ध्रुव त्रिपाठी 110 मतों से आगे रहे। दूसरे राउंड के बाद तस्वीर बदली और राजीव यादव 7,457 मतों के साथ आगे निकल गए। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को 7,424 मत मिले। इस तरह दूसरे राउंड के बाद राजीव यादव की बढ़त 33 मतों की हो गई। तीसरे राउंड में राजीव यादव ने अपनी बढ़त को और बढ़ाया। इस चरण तक उन्हें 11,287 मत मिले, जबकि ध्रुव कुमार त्रिपाठी को 10,911 मत प्राप्त हुए। यानी तीसरे राउंड के बाद राजीव यादव 376 मतों से आगे चल रहे थे।
प्रथम वरीयता के चौथे और अंतिम राउंड की गणना पूरी होने के बाद मुकाबले का रुख एक बार फिर बदल गया। भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को कुल 11,881 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव के खाते में 11,415 मत आए। इस तरह चौथे राउंड के बाद ध्रुव त्रिपाठी ने 466 मतों की बढ़त बना ली। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी 8,301 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। प्रथम वरीयता के सभी मतों की गणना पूरी होने के बाद भी किसी प्रत्याशी को जीत के लिए आवश्यक मतों का बहुमत नहीं मिलने के कारण द्वितीय वरीयता के मतों की गणना शुरू की गई। अब प्रत्याशियों के बीच मुकाबले का फैसला वरीयता के आधार पर मतों के हस्तांतरण की प्रक्रिया से तय होना है।
प्रथम वरीयता के मतों में 466 मतों की बढ़त बनाने वाले ध्रुव कुमार त्रिपाठी के लिए द्वितीय वरीयता की गणना के दौरान चुनौती बढ़ती नजर आ रही है। ताजा अपडेट के अनुसार, उनकी बढ़त घटकर 447 मतों पर आ गई है। यानी पहले के मुकाबले बढ़त में 19 मतों की कमी दर्ज की गई है। इससे पहले ध्रुव त्रिपाठी की बढ़त 512 मतों की बताई गई थी, जो बाद में घटकर 447 मतों पर पहुंच गई। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत एलिमिनेट होने वाले प्रत्याशियों के मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता को नियमानुसार गिनती में शामिल किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया के दौरान मतों का हस्तांतरण हो रहा है और दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच अंतर घट-बढ़ रहा है।

मतगणना के इस चरण में अब तक 9 प्रत्याशी एलिमिनेट हो चुके हैं, जबकि 5 अन्य प्रत्याशियों के एलिमिनेशन की प्रक्रिया बाकी बताई जा रही है। लगभग 15,700 मतपत्रों की गिनती शेष है। ऐसे में आने वाले चरण बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। शेष प्रत्याशियों के एलिमिनेशन और उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के हस्तांतरण के बाद मतों का अंतर फिर बदल सकता है। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि हर चरण में किसी एक प्रत्याशी को समान अनुपात में मत मिलें। इसका निर्धारण मतपत्रों पर दर्ज वरीयता और निर्वाचन नियमों के अनुसार होगा। इसलिए मौजूदा बढ़त के आधार पर अंतिम नतीजे का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
इस बीच प्रथम वरीयता के अंतिम राउंड की मतगणना को लेकर विवाद भी सामने आया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने मतगणना की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। सपा प्रत्याशी ने विरोध जताते हुए मतगणना का बहिष्कार किया, जबकि राजीव यादव भी मतगणना स्थल से बाहर चले गए। हालांकि, उनके अभिकर्ताओं के मतगणना में मौजूद रहने की जानकारी सामने आई। दूसरी ओर प्रशासन की ओर से मतगणना नियमानुसार कराए जाने की बात कही गई। प्रत्याशियों की ओर से लगाए गए आरोपों और प्रशासन के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है। मतगणना में किसी गड़बड़ी की पुष्टि संबंधित निर्वाचन अधिकारी के रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
फिलहाल गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की मतगणना में सबसे बड़ा सवाल यही है कि द्वितीय वरीयता के शेष मतों का हस्तांतरण मुकाबले को किस दिशा में ले जाएगा। एक तरफ ध्रुव कुमार त्रिपाठी प्रथम वरीयता की गणना के बाद 466 मतों की बढ़त के साथ आगे रहे, तो दूसरी तरफ द्वितीय वरीयता की गणना में राजीव यादव को मिल रहे मतों के बीच यह अंतर घटकर 447 रह गया है। लगभग 15,700 मतपत्रों की गिनती शेष होने के कारण अभी मुकाबले की अंतिम तस्वीर स्पष्ट नहीं है। अब सभी की निगाहें मतगणना के अगले चरण, वरीयता के आधार पर मतों के हस्तांतरण और निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।