Madhya Pradesh News: शिवपुरी जिला पंचायत में विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि के वितरण को लेकर विवाद सामने आया है। बता दें जिला पंचायत के कई सदस्यों ने जनसुनवाई में पहुंचकर जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव के पति अमित यादव पर विकास राशि के आवंटन में पक्षपात और 20% कमीशन लेने के आरोप लगाए। ऐसे में सदस्यों ने कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिकायत सौंपकर मामले में उचित कार्रवाई और सभी वार्डों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की है।
दरअसल, जिला पंचायत सदस्यों का कहना है कि मौजूदा कार्यकाल के चार साल पूरे होने के बावजूद उनके वार्डों में अपेक्षा के अनुरूप विकास कार्य नहीं हुए हैं। जिसके बाद सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत की विकास राशि का बड़ा हिस्सा कोलारस और बदरवास क्षेत्र में खर्च किया जा रहा है। जिसमें उनका यह भी दावा है कि करीब 80% राशि कोलारस क्षेत्र में खर्च होने से अन्य वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
बता दें शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव के पति अमित यादव विकास कार्यों की राशि के आवंटन और कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं। साथ ही, सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर विकास राशि के वितरण को प्रभावित किया जा रहा है। जिसमें उन्होंने विकास कार्यों में 20% कमीशन लिए जाने का दावा भी किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जिला पंचायत सदस्यों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय राज पर भी कोलारस विधायक के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। जिसमें उनका कहना है कि सभी 25 निर्वाचित सदस्यों के वार्डों में विकास कार्यों के लिए समान अवसर और पारदर्शी तरीके से राशि का आवंटन होना चाहिए। सदस्यों का कहना है, इस संबंध में केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी शिकायत की गई है।
जनसुनवाई में शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सभी वार्डों में विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। वहीं, पटेल एंड संस के यशपाल रावत ने दावा किया कि उनके पास कथित कमीशन से संबंधित मोबाइल रिकॉर्डिंग मौजूद है। इस रिकॉर्डिंग की सामग्री की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जिला पंचायत सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि विकास राशि के वितरण में पारदर्शिता नहीं लाई गई और उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो वे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।
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