गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान वोट की वैधता को लेकर विवाद सामने आया है। प्रत्याशी प्रदीप पंकज कुमार सिंह के काउंटिंग एजेंट नंदा पाण्डेय का आरोप है कि मतगणना के दौरान एक वोट को वैध माना गया, जबकि उसी तरह से दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में पड़े वोट को अवैध की सूची में रखा गया था। नंदा पाण्डेय का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों से दोनों वोटों को दिखवाने और एक समान नियम के तहत निर्णय लेने की मांग की, लेकिन उन्हें शोर करने की बात कहकर बाहर जाने के लिए कहा गया।
नंदा पाण्डेय के मुताबिक वह प्रत्याशी प्रदीप पंकज कुमार सिंह के काउंटिंग एजेंट के रूप में मतगणना स्थल पर मौजूद थे। इसी दौरान एक वोट को लेकर सवाल उठा, जिसमें वोट निर्धारित कॉलम के बजाय दूसरे कॉलम में दिया गया था। उनका कहना है कि इस तरह के एक अन्य वोट को दूसरे प्रत्याशी के मामले में अवैध घोषित कर दिया गया था। नंदा पांडे ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि अगर एक वोट को वैध माना जा रहा है, तो उसी तरह के दूसरे वोट को भी दिखवाकर उसकी वैधता पर विचार किया जाए। उनका आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में अपनी बात रखी, तो अधिकारियों को लगा कि वह मतगणना में बाधा डाल रहे हैं।

नंदा पाण्डेय के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनका उद्देश्य केवल दोनों वोटों के मामले में समान प्रक्रिया अपनाने की मांग करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि सभी अवैध वोट उनके पास आते हैं और उन्हें दिखवा लिया जाएगा, लेकिन इसके बाद उन्हें शोर करने की बात कहते हुए बाहर जाने के लिए कहा गया। नंदा पाण्डेय का कहना है कि वह शिक्षक हैं और प्रशासन के आदेश-निर्देशों का पालन करते हैं। उन्होंने अपनी पहचान बताते हुए कहा कि उनका नाम नंदा पाण्डेय है और वह कुशीनगर के रहने वाले हैं। वहीं काउंटिंग एजेंट की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच सवाल यह है कि संबंधित वोटों की वैधता पर क्या निर्णय लिया गया और क्या दोनों वोटों की निष्पक्ष तरीके से जांच की गई। इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।