1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. Madhya Pradesh News: बड़वानी के 11 गांवों में नहर का पानी नहीं पहुंचने से सूखी फसलें, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसान, पढ़ें पूरी खबर

Madhya Pradesh News: बड़वानी के 11 गांवों में नहर का पानी नहीं पहुंचने से सूखी फसलें, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसान, पढ़ें पूरी खबर

Madhya Pradesh News: बड़वानी के पिछोड़ी क्षेत्र के 11 गांवों में नहर का पानी नहीं पहुंचने से फसलें सूख रही हैं। किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सिंचाई के लिए जल्द पानी छोड़ने की मांग की है।

By: Aparna Panwar 
Updated:
Madhya Pradesh News: बड़वानी के 11 गांवों में नहर का पानी नहीं पहुंचने से सूखी फसलें, कलेक्टर कार्यालय पहुंचे किसान, पढ़ें पूरी खबर

Madhya Pradesh News: बड़वानी जिले के पिछोड़ी क्षेत्र के 11 गांवों में सिंचाई के लिए नहर का पानी नहीं मिलने की वजह से किसान बहुत परेशान हैं। जिसके कारण किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जल्द पानी छोड़ने की मांग की है। जिसमें उनका कहना है कि आधी फसल बर्बाद हो चुकी है और अब रबी की बुवाई पर भी संकट मंडरा रहा है।

ऐसे में बड़वानी जिले के पिछोड़ी क्षेत्र में नहर का पानी नहीं पहुंचने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वहीं, खेतों में खड़ी फसलें पानी के अभाव में सूख रही हैं। जिसके बाद परेशान किसानों ने अपनी समस्या लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन से जल्द राहत देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि, उन्होंने 12 अक्टूबर को भी आवेदन देकर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

11 गांवों में सिंचाई के लिए पानी का इंतजार

दरसअल, पिछोड़ी गांव के किसान नेपाल पटेल ने का कहना है कि सौंदुल, पाल्या, नयनपुरा, सिरसानी, कठोरा, पिछोड़ी, बलखड़, बोम्या, कल्याणपुरा, नंदगांव और भीलखेड़ा में नहर का पानी नहीं पहुंच रहा है। कम बारिश के कारण कुओं और ट्यूबवेल का जलस्तर भी नीचे चला गया है। ऐसे में किसानों के सामने फसलों को बचाना बड़ी चुनौती बन गया है। वहीं, किसानों का दावा है कि पानी की कमी से उनकी आधी फसल खराब हो चुकी है और बाकी फसल भी सूखने की कगार पर है।

नर्मदा नदी पास, फिर भी नहीं मिल रहा पानी

किसानों का कहना है कि नर्मदा नदी नजदीक होने के बावजूद जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण मोटर से सिंचाई करना आसान नहीं है। जिसमें कई किसान निजी कुओं के सहारे फसल बचाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों का यह भी कहना है कि सनावद और बड़वानी क्षेत्र में लंबे समय से नहर में पानी चल रहा है, लेकिन पिछोड़ी क्षेत्र के गांवों तक पानी नहीं पहुंचा है।

रबी की बुवाई में देरी का खतरा

किसानों ने बताया कि इंदिरा सागर परियोजना का पानी इस क्षेत्र तक पहुंचने में 20 से 25 दिन लग जाते हैं। ऐसे में यदि नहर में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया, तो रबी की फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। साथ ही, किसानों का कहना है कि अधिकारियों ने पानी छोड़ने की तारीख बताकर आश्वासन दिया है, लेकिन पिछले आश्वासन के बाद भी पानी नहीं मिला।

खेती छोड़ मजदूरी करने को मजबूर किसान

सिंचाई की समस्या के वजह से किसानों की आजीविका पर संकट गहरा रहा है। जिसमें कुछ किसानों को खेती छोड़कर मजदूरी करने की नौबत आ रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर में जल्द पानी छोड़ा जाए, ताकि बची हुई फसलों को बचाया जा सके और रबी की बुवाई समय पर शुरू हो सके।

ये भी पढ़ें: https://www.rninews.co.in/barwani-sawantpuram-colony-road-water-cleaning-problem/

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...