बुरहानपुर। गणेश उत्सव के समापन के साथ ही शहर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया। शनिवार को विभिन्न क्षेत्रों से पंडालों में स्थापित गणेश प्रतिमाएं भव्य चल समारोह के रूप में विसर्जन के लिए निकलीं। जुलूस के गांधी चौक पहुंचते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा के दर्शन के लिए उमड़ पड़े। शहर की सड़कों पर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष सुनाई दिए। ढोल-ताशों की गूंज और भक्तिमय माहौल के बीच श्रद्धालु उत्साह के साथ चल समारोह में शामिल हुए।
इस बार गणेश विसर्जन समारोह में कई विशाल प्रतिमाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। अलग-अलग स्थानों से 18, 25 और 28 फीट तक ऊंची गणेश प्रतिमाएं जुलूस में शामिल हुईं। भव्य सजावट और अलग-अलग धार्मिक स्वरूपों में सजे बप्पा को देखने के लिए मुख्य मार्गों और गांधी चौक पर लोगों की भीड़ दिखाई दी।
विसर्जन चल समारोह में गणेश प्रतिमाओं के कई आकर्षक स्वरूप देखने को मिले। कुछ झांकियों में गणेश जी को भगवान विष्णु के स्वरूप में सजाया गया, जबकि कहीं वे हनुमान जी के रूप में नजर आए। कुछ झांकियों में गणेश जी को भगवान शिव की आराधना करते हुए दिखाया गया। वहीं एक झांकी में केदारनाथ धाम की सेवा करते हुए गणेश जी का स्वरूप श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।

चल समारोह के दौरान ढोल और ताशों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। विभिन्न अखाड़ों से जुड़े कलाकारों ने लेझिम की धुन पर प्रदर्शन भी किया। प्रशासन की ओर से डीजे पर प्रतिबंध के बावजूद कुछ स्थानों पर डीजे की आवाज सुनाई देने की बात भी सामने आई।
शनिवार दोपहर से शुरू हुआ विसर्जन चल समारोह शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए गांधी चौक पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं के दर्शन के लिए मौजूद रहे। गणेश प्रतिमाओं के पहुंचने के साथ ही गांधी चौक और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
विशाल प्रतिमाओं के चलते विसर्जन प्रक्रिया देर रात तक चलने की संभावना जताई जा रही है। बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के समय को देखते हुए यह भी देखा जाएगा कि सभी प्रतिमाओं का विसर्जन शनिवार रात तक पूरा होता है या रविवार को भी बप्पा की विदाई का सिलसिला जारी रहता है। भक्तों ने श्रद्धा के साथ गणपति बप्पा को विदाई देते हुए जयघोष किया—‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।’