रिपोर्ट: सत्यम दुबे
हरिद्वार: महाकुंभ को लेकर राज्य सरकार काफी संवेदनशीलता बरत रही है। सरकार ने दरिद्वार कुंभ में आये साधु-संतो को कोई परेशानी इस बात को भी ध्यान में रखा है। हरिद्वार में आये सभी लोगो को बढ़ते कोरोना के बीच कोरोना के गाइडलान का पालन करना होगा। सरकार के इन सब सुविधाओं के बीच गुरूवार शाम को जूना और अग्नि अखाड़ा की सामूहिक पेशवाई निकाली जाएगी।
इस दौरान किन्नर अखाड़ा भी साथ चलेगा। आपको बता दें कि इससे एक दिन पहले बुधवार को हरिद्वार जिले के देहात क्षेत्र में भी पेशवाई निकाली गई। जिसमें मुस्लिम समाज के लोगों ने गाजे-बाजे के साथ साधू संतों का स्वागत किया। इतना ही नहीं हेलीकॉप्टर के माध्यम से संतों पर फूलों की वर्षा की गई।
कुंभ में हिस्सा लेने आये साधु-संत पेशवाई में पूरे शाही अंदाज में अपने-अपने रथों पर बैठकर निकले थे। जहां बड़ी संख्या में हाथी, ऊंट और घोड़े चल रहे थे, जिन्हें देखने के लिए सड़क के दोनों और लोगों की भारी भीड़ लगी गई। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी हरिद्वार दौरे पर रहे, जहां उन्होंने सबसे पहले निरंजनी अखाड़े की पेशवाई में संतो का स्वागत किया।

खास बात यह है कि इस दौरान गंगा-जमुनी की तहजीब देखने के मिली। मुस्लिम समाज के लोग अपने घरों के सामने फूलों की माला लेकर संतों के स्वागत में खड़े हुए थे। जैसे ही पेशवाई उनके सामने से निकली सभी लोगों ने फूल मालाएं पहनाकर संतों का अभिवादन और स्वागत किया। पेशवाई में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे का शानदार संदेश देखने को मिला।
जूना अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता नारायण गिरी ने बताया कि “ आज पूरे राजसी वैभव के साथ जूना, अग्नि और किन्नर अखाड़े की पेशवाई नगर भ्रमण पर निकलेगी। हमारे नागा सन्यासी रहेंगे, सभी संत हरिद्वार पहुंच चुके हैं।“
वहीं किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि “किन्नर अखाड़ा ने भी इस कुंभ में नगर प्रवेश कर लिया है। गुरुवार शाम को भव्य पेशवाई में किन्नर अखाड़ा, जूना अखाड़े के साथ चलेगा। हमारा यह तीसरा कुंभ है जिसमें हम शिरकत करने जा रहे हैं। इस पेशवाई में हम जूना अखाड़े का धन्यवाद करते हैं, क्योंकि आज इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखा जा रहा है। सनातन धर्म में किन्नर अखाड़ा की वापसी जो गई है।“
हरिद्वार कुंभ में मंगलवार को श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा और आह्वान अखाड़ा के रमता पंच कुंभनगरी पहुंचे हुए थे। जहां नगरवाससियों ने नगर प्रवेश के दौरान हर-हर महादेव के जयघोष के साथ स्वागत किया।