चंन्दौली : सपा कार्यकर्ताओं और किसानों को न तो कोरोना की बंदिशें रोक पाईं ना मौसम की तल्खी। कृषि सुधार विधेयक के खिलाफ सपा के किसान पदयात्रा कार्यक्रम में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
जगह-जहग से निकलकर कारवां मुख्यालय पर इकट्ठा हुआ तो लगा जैसे दिल में सुलग रही आंदोलन की चिंगारी विकराल आग का रूप ले लेगी। सपा के राष्ट्रीय सचिव और सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू को जिस तरह किसानों का समर्थन प्राप्त हुआ, उनकी लोकप्रियता बयां कर रहा था।
आहत अन्नदाताओं को नेतृत्वकर्ता मिला तो किसानों का साथ पाकर पूर्व विधायक भी जोश से लबरेज नजर आए। सैयदराजा में शहीद स्मारक पर शहीदों को नमन करने के बाद किसानों, युवाओं और बेरोजगारों के समर्थन में जान लड़ा देने का एलान कर दिया।
पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि किसान को बेटा हूं और किसानों का दर्द भी समझता हूं। किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है कि किसान हूं या नहीं। उनका इशारा सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की ओर था।
कहा चंदौली की जनता ने जिन्हें दो दफा अपना सांसद चुना वह आठ माह से अपने संसदीय क्षेत्र में नहीं आए हैं। किसानों की तकलीफ क्या समझेंगे। खाली पत्थर लगवा रहे हैं। न जिले में मेडिकल कालेज बना ना ही किसानों को खाद और सिंचाई का पानी मिल रहा है।
स्थानीय विधायक को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उनका पूरा ध्यान इस बात पर है कि मनोज सिंह डब्लू क्या कर रहा है। क्षेत्र में पंप कैनाल नहीं चल रहे हैं, लेकिन विधायक जी को इससे कुछ लेना-देना नहीं है। कहा असलहों के साये में चलने वाले लोग किसानों और जनता की तकलीफ को क्या समझेंगे।
जिस जिले का व्यक्ति देश का रक्षामंत्री हो उस जिले के शहीद जवान का शव एंबुलेंस में आए इससे बड़ी विडंबना क्या होगी। विधायक अपने गांव माधवपुर से ट्रैक्टर चलाते हुए सैयदराजा तक आए। उनके साथ दर्जनों की संख्या में टैक्टर और बड़ी संख्या में किसान थे।