मध्य प्रदेश में पहले सरकार गंवाने और अब हाल ही में उपचुनावों में करारी हार झेलने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बड़ा बयान दिया है। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अपनी राजनीतिक पारी पर पूर्णविराम लगाने के संकेत दिए हैं।
छिंदवाड़ा में बीते रोज़ उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि वो अब आराम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि कोई महत्वकांक्षा या किसी पोस्ट के लिए कोई लालच नहीं है।
एक रैली में समर्थकों के सामने कमलनाथ ने कहा, “मैं कुछ आराम करने के लिए तैयार हूं. मेरी कोई महत्वकांक्षा नहीं है और न ही किसी पद का कोई लालच है। मैंने पहले ही बहुत कुछ हासिल कर लिया है। मैं घर पर रहने के लिए तैयार हूं।”
गौरतलब है कि कमलनाथ का ये बयान ऐसे वक्त आया है, जब हाल ही में विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस की करारी हार हुई है। पहले तो कमलनाथ को मध्य प्रदेश में अपनी सत्ता गंवानी पड़ी और फिर उपचुनाव में भी कुछ खास नहीं कर पाए। ऐसे में उनका ये बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय @OfficeOfKNath जी के साथ चौरई पहुँचकर पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात कर संगठन की बैठक ली । pic.twitter.com/g4A4yROjWg
— Nakul Kamal Nath (@NakulKNath) December 14, 2020
कमलनाथ के इस बयान को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि वो अपने इस बयान के ज़रिए अपना पद छोड़ने की बात कह रहे हैं या राजनीति को ही अलविदा कहने के संकेत दे रहे हैं इस पर संशय बरकरार है।
आप को बता दे कि इससे पहले जब राज्य में विधानसभा चुनाव हुए थे, तब भी मुख्यमंत्री पद के लिए कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में भिड़ंत हुई थी। तब कमलनाथ सीएम तो बन गए थे, लेकिन कुछ वक्त बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था।
इसी का खामियाजा कांग्रेस अबतक उठा रही है, पहले सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफे से कमलनाथ की सरकार गिर गई और उसके बाद अब उपचुनावों में अधिकतर विधायकों ने बीजेपी के टिकट से जीत हासिल कर ली।
केंद्रीय राजनीति में अपना दबदबा बनाने के बाद चुनाव से ठीक पहले कमलनाथ राज्य की राजनीति में एक्टिव हुए थे, उन्हें सीएम पद भी मिल गया था। लेकिन लगातार हार, सिंधिया के पार्टी छोड़ने और उससे पैदा हुए असर से कमलनाथ लगातार बैकफुट पर आते गए हैं।