पहली बार भारत की तीनों सेनाओं की एक टुकड़ी 24 जून को रूस की राजधानी माॅस्कों के रेड स्क्वायर से मार्च करती हुई नजर आएगी। 2015 में केवल भारतीय थलसेना सैन्य परेड में शामिल हुई थी।
कोरोना वायरस महामारी के चलते प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे लेकिन भारत की तीनो सेनाएं अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगी। हालांकि ऐसे में रूस के साथ गहरे सैन्य संबंध रखने वाले चीन की चिंताएं बढ़ सकती है।
पिछले साल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को इस साल आने का न्योता दिया था। उनकी गैरमौजूदगी की भरपाई के लिए सरकार जल, थल और वायुसेनाओं के 75-80 जवानों को 19 जून को परेड में हिस्सा लेने के लिए माॅस्को भेज रही है।