रिपोर्ट: नंदनी
वाराणसी: देश में जारी किसान आंदोलन के तकरीबन 64 दिन हो चुके है, लेकिन अभी तक इस आंदोलन का कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है। वहीं दूसरी तरफ 26 जनवरी को जब पूरा भारत गणतंत्र दिवस मना रहा था, कृषि बिल का विरोध कर रहे प्रदर्शनकार्यों ने लाल किले पर अपना हिंसक प्रदर्शन दिखाया। इसी के संदर्भ में जुलूस निकालने वाले सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आरएस पटेल की मुसीबतें भी बढ़ गई हैं।
दरअसल, वाराणसी के शिवपुरा थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी राजीव रंजन उपाध्याय 26 जनवरी की रात पेट्रोलिंग के लिए निकले थे। इसी बीच उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो देखा, जिसमे सिंधौरा थाना के खानपुर के निवासी और उसरपुरवा में रहने वाले डॉ. आरएस पटेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर अभद्र टिप्पणी कर रहे थे।
इसी वीडियो को ध्यान में रखते हुए डॉ. पटेल के खिलाफ वाराणसी के शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। ये मुकदमा थाना प्रभारी की स्टेटमेंट के बाद ही दर्ज किया गया है। अब डॉ. आरएस पटेल की तलाश के लिए पुलिस ने अपनी दो टीम लगाई हैं।
आपको बता दें, डॉ आरएस पटेल की इस आपत्तिजनक टिप्पणी की वजह से जिले के कई बड़े लोगों ने भी थाना प्रभारी राजीव रंजन को कॉल कर आपत्ति जताई है। ये मुकदमा न केवल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी करने का है, इसके अलावा शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करने का भी है।