दमोह जिले के नोहटा में स्थित ऐतिहासिक Nohleshwar Mahadev Temple परिसर में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव के अंतर्गत किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने सहभागिता की। 1100 वर्ष प्राचीन इस मंदिर के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए राज्य के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए सीमा पर जवान और खेत में किसान समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और उनकी शिक्षा, दीक्षा व चिकित्सा के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन और गोपालन को जोड़कर किसानों की आय बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में दूध उत्पादन लगभग 9 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाने के लिए ठोस नीति के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधा किसानों के लिए पारस पत्थर के समान है, जो सूखी जमीन को भी सोना बना देती है।;

मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की घोषणा की। दमोह और सागर के बीच फोर-लेन सड़क को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपये की नई योजना और एक खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि ब्यारमा नदी से 33 गांवों के लिए 600 करोड़ रुपये की लिफ्ट सिंचाई योजना को स्वीकृति दी गई है, जिससे किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा हटा क्षेत्र में भी सिंचाई परियोजनाओं को गति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख बहनों के खातों में हर महीने नियमित रूप से राशि भेजी जा रही है। उन्होंने इसे “हर महीने रक्षाबंधन मनाने जैसा” बताया और कहा कि बहनों के सम्मान और आत्मनिर्भरता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को देश ही नहीं, दुनिया ‘टाइगर स्टेट’ और ‘घड़ियाल स्टेट’ के रूप में जानती है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में अब 35 चीते हो चुके हैं और जून से पहले Nauradehi Wildlife Sanctuary में भी चीते लाए जाएंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने होम-स्टे योजना, जल पर्यटन और दमोह के राजनगर तालाब में बोट क्लब (वॉटर स्पोर्ट्स) शुरू करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने दमोह के मानस भवन को ‘गीता भवन’ के रूप में विकसित करने के लिए 2 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। यहां बच्चों के लिए एक लाइब्रेरी बनाई जाएगी, साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे। उन्होंने कहा कि गीता ऐसा ग्रंथ है, जिसमें जीवन के हर प्रश्न का उत्तर समाहित है।

डॉ. मोहन यादव ने युवाओं के लिए तेंदूखेड़ा और हटा में खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने ‘मसवासी ग्रंथ’ के माध्यम से एक विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का संकल्प लिया, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। जैविक खेती को भी बढ़ावा देने की बात कही गई।
नोहटा के निवासियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक आयोग के परीक्षण के आधार पर यहां नगर परिषद (नगर परिषद) के गठन पर विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने नोहलेश्वर महादेव मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका निर्माण कलचुरी काल में महारानी नोहला द्वारा कराया गया था। उन्होंने मंदिर की अद्भुत स्थापत्य कला और शिल्प की सराहना की और कहा कि यह स्थान सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।
किसान सम्मेलन के दौरान मंच पर मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, लखन पटेल, सांसद राहुल लोधी, विधायक जयंत जी, पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुशमरिया, विधायक उमा खटीक, श्याम जी सहित कई जनप्रतिनिधि और भाजपा जिला अध्यक्ष मौजूद रहे। बड़ी संख्या में किसान, लाड़ली बहनाएं, युवा और स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन के अंत में स्पष्ट किया कि बुंदेलखंड का सर्वांगीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसान, युवा, महिलाएं और गरीब-सबके लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।