नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सिर्फ एक साल का वक्त बचा है। इस साल के अंत में मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। इसके लिए जहां विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पटखनी देने के लिए एकजुट होने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी चुनाव में जाने से पहले पूरी कसरत कर रही है। इसके लिए सबसे पहले संगठन को और मजबूत करने की दिशा में रणनीति बनाई जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 2024 के आम चुनावों की रणनीति को लेकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद आगे आ गए हैं और वह इसी को लेकर बीजेपी के सभी सांसदों के साथ आने वाले एक-दो दिन में बैठक करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस मीटिंग में हिस्सा लेंगे। बीजेपी अध्यक्ष अपने सांसदों को लोकसभा चुनावों के साथ-साथ पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर निर्देशित करेंगे। बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के हाल के हुए कार्यक्रमों से भी लगता है कि उन्होंने संगठन को लेकर बीजेपी नेताओं से बातचीत भी करनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बीजेपी अध्यक्ष आगे भी इसी तरह से पार्टी के बड़े नेताओं से लगातार बैठकें करते नजर आएंगे। इससे पहले जेपी नड्डा 9 जून को पार्टी मुख्यालय में गृहमंत्री अमित शाह और संगठन महासचिव बीएल संतोष के साथ बैठक कर चुके हैं। इस बैठक के बाद सियासी गलियारों में बीजेपी संगठनात्मक बदलाव को लेकर कानाफूसी तेज हो गई है।

अगर बात करें उत्तर प्रदेश की तो सबसे बड़ा राज्य होने के नाते इस राज्य का केंद्र की सत्ता में सबसे अहम भूमिका रहती है लिहाजा यूपी में भी बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह की जगह गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। क्योंकि गुजरात विधान सभा चुनाव में बीजेपी की जीत में पाटिल की अहम भूमिका रही है। वहीं सीआर पाटिल को पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी होने का भी लाभ मिल सकता है। इसके अलावा कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारियां भी उत्तर प्रदेश बीजेपी के बड़े नेताओं मिल सकती हैं। उत्तर प्रदेश बीजेपी में कई ऐसे बड़े नेता हैं जिन्हें पार्टी आलाकमान जिम्मेदारी सौंप सकते हैं। कुल मिलाकर बीजेपी ने आने वाले सभी चुनावों में जीत के लिए कमर कस ली है। साथ ही संगठन को मजबूत करने की दिशा में चल पड़ी है।