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शिवपुरी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई

शिवपुरी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई, जिसमें काली माता मंदिर से शुरू हुई भव्य शोभायात्रा झाँसी तिराहा, गुरुद्वारा चौक होते हुए मानस भवन गांधी पार्क तक निकाली गई और पूरे मार्ग में पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया, वहीं मानस भवन में आयोजित सम्मान समारोह में पाल समाज सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उनके जीवन, व्यक्तित्व और जनकल्याणकारी कार्यों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया, साथ ही कार्यक्रम में पोहरी विधायक ने महापुरुषों के विचारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।

By: Nivedita 
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शिवपुरी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई

शिवपुरी में रविवार को लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

काली माता मंदिर से शुरू हुई भव्य शोभायात्रा

शोभायात्रा की शुरुआत काली माता मंदिर से हुई, जो झाँसी तिराहा, गुरुद्वारा चौक होते हुए मानस भवन गांधी पार्क पहुंची। पूरे मार्ग में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जिससे पूरा शहर भक्तिमय और उत्सव के माहौल में रंग गया।

 

शिवपुरी में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई

मानस भवन में हुआ मुख्य कार्यक्रम और सम्मान समारोह

मानस भवन में पहुंचने के बाद आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पाल समाज के लोगों ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, व्यक्तित्व और उनके जनकल्याणकारी कार्यों को याद किया। इस दौरान उनके आदर्शों और बताए गए मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

विधायक ने दिए प्रेरणादायी विचार

कार्यक्रम में पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने अपने संबोधन में कहा कि महापुरुषों की जयंती केवल औपचारिक आयोजन नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके विचारों और जीवन मूल्यों को समाज और नई पीढ़ी के जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन सेवा, न्याय और सुशासन का प्रेरणास्रोत है।

जनसहभागिता से कार्यक्रम बना भव्य आयोजन

इस पूरे आयोजन में विभिन्न समाजों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही। शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह स्वागत द्वार लगाए गए और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

सामाजिक एकता और प्रेरणा का संदेश

कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। आयोजन ने युवाओं को उनके जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेने की दिशा में प्रेरित किया।

 

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