रिपोर्ट: सत्यम दुबे
बरेली: उत्तर प्रदेश सरकार सूबे में अपराध पर लगाम लगाने की जितनी भी कोशिश कर रही है, वह विफल ही होती दिख रही है। बरेली जिला उस वक्त दह गया, जब चुनावी रंजिश में ताबड़तोड़ फायरिंग कर नवनिर्वाचित प्रधान इशहाक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ताबड़तोड़ हुई इस गोलीबरी में प्रधान की पत्नी को भी गोली लगी है। इस हत्याकांड में पुलिस ने इशहाक के खिलाफ चुनाव लड़कर हारे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरा आरोपी गांव का पूर्व प्रधान फरार है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी है। पहली गोली लगने के बाद बाइक से गिरे परगवां के ग्राम प्रधान इशहाक ने जान बचाने के लिए करीब दो सौ मीटर तक दौड़ लगाई लेकिन उनका पीछा कर रहे हमलावर उन पर तब तक गोलियां चलाते रहे जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। गोली की आवाज सुन गांव के लोगों ने घटनास्थल की ओर दौड़ना शुरू किया तो हमलावर भाग निकले।

ग्राम प्रधान इशहाक की हत्या का पूरी घटना बाइक पर उनके साथ आ रही उनकी पत्नी शकीना की आंखों के सामने घटित हुआ। शकीना ने बताया कि हमलावरों ने इशहाक पर पहली गोली चलाई तो वे लोग बाइक समेत सड़क पर ही गिर पड़े। इशहाक जान बचाने के लिए भागे तो हमलावर उन्हें करीब दो सौ मीटर तक दौड़ाते रहे और एक के बाद एक उन पर तब तक गोलियां चलाते रहे जब तक वह लहूलुहान होकर गिर नहीं गए।
उन्होने आगे बताया कि वहां भीड़ इकट्ठी होने पर हमलावर भाग निकले। जिस स्थान पर वारदात हुई वहां से गांव करीब ही था। कुछ ही देर में इशहाक के परिवार वाले और समर्थक इकट्ठे हो गए। किसी ने यूपी 112 पर फोन किया तो पीआरवी भी मौके पर पहुंच गई। पीआरवी के पुलिसकर्मियों ने इशहाक को जीवित बताकर शव हटाने की कोशिश की लेकिन गुस्साए समर्थकों ने शव नहीं उठाने दिया।
वहां इकठ्ठे लोग SSP और दूसरे उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे। जिसके बाद SSP, SP सिटी और SDM ने मौके पर पहुंचकर इशहाक के समर्थकों को समझाया और आरोपियों की तलाश में दबिशें शुरू कराईं। एक आरोपी की गिरफ्तारी के बारे में SSP ने प्रधान समर्थकों को जानकारी दी तो वे शांत हुए। घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद प्रधान का शव उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मिली जानकारी के मुताबिक इस बार गांव में प्रधानी के चुनाव में इशहाक अकेले मुस्लिम प्रत्याशी थे। तीन प्रत्याशियों के खिलाफ उन्होंने पहली बार ही चुनाव लड़कर प्रधानी जीती थी। उनकी हत्या से मिश्रित आबादी के गांव परगवां में तनाव पैदा हो गया। इस पर घटनास्थल के साथ परगवां में भी कई थानों की पुलिस और पीएसी पहुंच गई।
घटना के कुछ देर बाद ही गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। हालांकि इशहाक के परिवार वालों का कहना था कि उन्हें हिंदू और मुस्लिम दोनों ने वोट देकर जिताया है। आरोपी उनकी जीत को हजम नहीं कर पा रहे थे और लगातार धमकियां दे रहे थे।