‘हीरों की नगरी’ पन्ना आज एक अलग ही नूर में सराबोर नजर आई। ईद-उल-फितर के पावन पर्व को स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने पारंपरिक सादगी और अपार हर्षोल्लास के साथ मनाया। शहर की ऐतिहासिक बादशाह साईं ईदगाह में सुबह से ही रौनक देखते ही बन रही थी।

हजारों अकीदतमंदों ने एक साथ सफों में खड़े होकर ईद की विशेष नमाज अदा की। जैसे ही इमाम साहब ने मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे की सामूहिक दुआ मांगी, पूरा माहौल रूहानियत से भर गया।
नमाज के बाद ‘ईद मुबारक’ की गूंज के साथ गले मिलने का सिलसिला शुरू हुआ, जो पन्ना की साझा संस्कृति और प्रेम की मिसाल पेश कर रहा था। त्योहार का असली जादू नन्हे-मुन्ने बच्चों के चेहरों पर दिखा।
रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे बच्चे अपनी ‘ईदी’ पाकर चहक रहे थे। ईदगाह के बाहर सजी दुकानों और मेलों में बच्चों की भीड़ ने उत्सव के रंग को और गहरा कर दिया। प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी के बीच यह पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसने दिलों को जोड़ने का पैगाम दिया।