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उत्तर प्रदेश में फिर से बजेंगे DJ, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई इलाहाबाद हाइकोर्ट के आदेश पर रोक

By Amit ranjan 
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प्रयागराज : उत्तर प्रदेश में DJ यानी डिस्क जॉकी अब फिर से बजेंगे। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन साल पहले लगाए गए प्रतिबंध वाले आदेश पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने 20 अगस्त, 2019 में डीजे पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रयागराज के नागरिक सुशील कुमार ने 2019 में कावड़ यात्रा के दौरान ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका लगाकर आए दिन डीजे बजाने की वजह से ध्वनि प्रदूषण और नागरिकों को होने वाली परेशानी से निजात दिलवाने की गुहार लगाई थी।

सुशील ने अपनी याचिका में अपने प्रयागराज के हाशिम पुर स्थित घर के पास कांवड़ शिविर लगने और एलसीडी स्क्रीन पर भोर चार बजे से आधी रात तक बजने वाले कानफाडू गानों से अपनी बुजुर्ग मां और अन्य परिजनों को होने वाली परेशानी का ब्योरा दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने पूरे राज्य में डीजे बजाने पर पाबंदी लगा दी थी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिलाधिकारियों को इस पर अमल सुनिश्चित करने का आदेश दे दिया था। इसे राज्य के करीब दर्जन भर डीजे वालों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। पीठ ने कहा कि एक निजी पक्ष द्वारा दायर याचिका पर इस तरह का सामान्य आदेश पारित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने प्रभवित पक्ष को बिना सुने ही आदेश पारित कर दिया। 

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के समक्ष दायर याचिका में इस तरह का आदेश पारित करने की गुहार भी नहीं लगाई गई थी। बावजूद इसके हाईकोर्ट ने डीजे पर प्रतिबंध का आदेश पारित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता।

सुनवाई के दौरान इस कारोबार से जुड़े लोगों की अपर से पेश वकील दुष्यंत पाराशर का कहना था कि डीजे ऑपरेटर विवाह समारोह, जन्मदिन पार्टी और खुशी के अन्य मौकों पर अपनी सेवाएं देकर रोजी-रोटी चलाते हैं। हाईकोर्ट के आदेश से उनकी आजीविका पर संकट पैदा हो गई है। याचिका में कहा गया है यह उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में सिर्फ एक इलाके में DJ से होने वाले शोर से राहत की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने बिना प्रभावित पक्ष को सुने ही व्यापक आदेश पारित कर दिया।

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