दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल दिल्ली की पुलिस ने एक पत्रकार को अरेस्ट किया है जो की स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहा था। दिल्ली में पीतमपुरा निवासी राजीव शर्मा को पकड़ा गया है।
बताया जा रहा है कि डिफेंस से जुड़े क्लासीफाइड डॉक्यूमेंट भी पुलिस को बरामद हुए है। इससे आप अंदाज़ा लगा जा सकते है की ये देश के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता था।
ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली पुलिस ने ये गिरफ़्तारी की है जिसके बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। बता दे, फिलहाल वो पत्रकार 6 दिन के लिए पुलिस रिमांड पर रहेगा।
दरअसल पुलिस को काफी समय से इस इंसान पर शक था और इसके कारण कॉल डिटेल की मदद से सबूत जुटाए गए। इसके बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
आरोप है कि इन दोनों के जरिए सेल कंपनी बनाकर राजीव को जासूसी के एवज में पैसा सौंपा जा रहा था। पुलिस के मुताबिक राजीव शर्मा 2010 से 2014 तक चीनी सरकार के मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के लिए लिखते थे।
उनके लेख देखकर एक चीनी खुफिया एजेंसी के अफसर माइकल ने उनसे लिंकडिन एकाउंट के जरिए उनसे संपर्क किया. इसके बाद उनसे भारतीय सेना से जुड़ी जानकारियां ली जाती रहीं।
एक चीनी खुफिया एजेंसी के अफसर माइकल ने उनसे लिंकडिन एकाउंट के जरिए उनसे संपर्क किया। उन्हें चीन बुलाया गया और भारत-चीन रिश्तों के कई पहलुओं से जुड़ी जानकारी ली गई।
उनसे भूटान, सिक्किम और सिक्किम के ट्राई जंक्शन, डोकलाम और भारत म्यांमार के रिश्तों और भारत-चीन सीमा पर सेना की तैनाती से जुड़ी जानकारी ली गई।
दिल्ली पुलिस ने 61 वर्षीय वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा को उनके पीतमपुरा के घर से 14 सितम्बर को गिरफ्तार किया। आरोप है कि राजीव शर्मा चीन के इंटेलीजेंस अफसरों को भारतीय सेना और रक्षा से जुड़े दस्तावेज भेज रहे थे और इसके बदले उन्हें वहां से काफी पैसा आ रहा था।
उनके घर से रक्षा से जुड़े कई खुफिया दस्तावेज बरामद हुए है। राजीव करीब 40 साल से पत्रकारिता में हैं। वे देश के बड़े-बड़े अखबारों, न्यूज़ एजेंसियों के लिए काम कर चुके हैं. हालांकि 2010 से वे स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे हैं। उनके पास पीआईबी कार्ड भी है।
राजीव शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक नेपाली नागरिक राज भोरा और चीनी महिला किंग शी को भी गिरफ्तार किया है।
यह दोनों दिल्ली के महिपालपुर में एमजेड फार्मेसी और एमजेड मॉल नाम से दो शेल कंपनी चलाते हैं और इन कंपनियों के जरिए राजीव को अब तक चीन से 30 लाख रुपये से ज्यादा का पेमेंट आ चुका है। हालांकि इन दोनों कंपनियों के असली मालिक एक चीनी दम्पति हैं जो चीन में है और जो सूरज और उषा नाम से कंपनी चलाते हैं।