प्रोटेक्टर्स आॅफ इमीग्रेंट्स के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि देश के बाकी हिस्सों के साथ्ज्ञ आप्रवासियों के संरक्षकों (पीओई) को कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की चुनौती का सामना करना होगा।
विदेश मंत्री ने कहा कि हम विदेशों में हमारे रिश्तों पर महामारी के नकारात्मक आर्थिक परिणामों को कम करने को लेकर ध्यान केंद्रित कर रहे है। इससे हमारी द्विपक्षीय संबंधों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि हम जल्द से जल्द अपने बाजार में हिस्सेदारी की वसूली करें। आने वाले महीनों में उस दिशा में समर्पित प्रयास देखने को मिलेंगे। इस राष्ट्रीय उद्देश्य को सुविधाजनक बनाने के लिए आप्रवासियों के संरक्षकों का योगदान महत्वपूर्ण है।