कोविड 19 महामारी के प्रभाव से देश की आर्थिक स्थिति को झटका लगा है। माना जा रहा है कि इसका बड़ा असर बैंकों पर होने वाला है।
दरअसल इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग एक लाख पचास हज़ार करोड़ से अधिक का एनपीए इस साल बढ़ सकता है। इससे बैंकों को काफी नुकसान होने का अंदेशा जताया गया है।
रेटिंग एजेंसी ने कर्ज लेने वाली टॉप 500 निजी क्षेत्र की कंपनियों और लोगों का विश्लेषण किया है और रिपोर्ट जारी की है कि साल 2022 तक यह एनपीए का आकंड़ा 4 लाख करोड़ को पार कर सकता है।
एजेंसी ने कहा कि 4.21 लाख करोड़ रुपए की राशि महामारी की शुरुआत से पहले अनुमानित 2.54 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। यह कुल लोन का 6.63 प्रतिशत है।