केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में महिलाओं के चौथे विश्व सम्मेलन को संबोधित किया। स्मृति ईरानी ने कहा भारत अपने विकास के एजेंडे के सभी पहलुओं में लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण पर जोर दे रहा है।
इसमें स्मृति ईरानी के द्वारा कही गई बातों को एमएलए राधिका खेरा ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के सामने अपना पक्ष रखा और कहा मैडम जी, आपकी सरकार है UP में व आप वहाँ से सांसद भी। मैडम जी, आप महिला एवं बाल विकास मंत्री भी है।
मैडम जी, इस विडीओ में आप लैंगिक समानता व महिला सशक्तिकरण पर बाते भी बेहतरीन कर रही है। मैडम जी, आप हाथरस की बेटी के घर कब जाएँगी? मैडम जी क्या सिर्फ़ निर्भया के लिए आप दुःखी थी?
मैडम जी, आपकी सरकार है UP में व आप वहाँ से सांसद भी।
मैडम जी, आप महिला एवं बाल विकास मंत्री भी है।
मैडम जी, इस विडीओ में आप लैंगिक समानता व महिला सशक्तिकरण पर बाते भी बेहतरीन कर रही है।
मैडम जी, आप हाथरस की बेटी के घर कब जाएँगी?
मैडम जी क्या सिर्फ़ निर्भया के लिए आप दुःखी थी? https://t.co/9uW8foNFdn
— Radhika Khera (@Radhika_Khera) October 2, 2020
हाथरस की घटना को लेकर पुरे देश में गुस्सा व आक्रोश बना हुआ है। इस घटना को लेकर सियासत जोरों पर है। देश के हर हिस्से में इस घटना को ले कर प्रदर्शन किया जा रहा है और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा की मांग की जा रही है।
आप को बता दे की युवती के साथ 14 सितंबर को चार लोगों ने हाथरस के एक गांव में सामूहिक बलात्कार किया था। जिसके बाद उसे अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी हालत और खराब होने के बाद उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई ।
जिसके बाद से यूपी पुलिस और योगी सरकार की चारों तरफ निंदा हो रही है।और विपक्ष योगी सरकार पर निशान साधते हुए कई आरोप लगा रही है। और योगी सरकार से इस्तीफे तक की मांग की गई।
यह खबर फैलते ही नेताओं, खिलाड़ियों, कलाकारों एवं कार्यकर्ताओं समेत समाज के सभी वर्गों के लोगों ने इस घटना पर दुःख व्यक्त किया और न्याय की मांग की।
युवती के शव का बुधवार तड़के हाथरस में अंतिम संस्कार किया गया था और उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस ने रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार करने के लिए उन्हें मजबूर किया। हालांकि स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अंतिम संस्कार ‘‘परिवार की इच्छानुसार’’ किया गया।