भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उनके राजनीतिक जीवन और राष्ट्र के प्रति योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अटल जी का सार्वजनिक जीवन स्वतंत्रता से पहले के दौर से लेकर आजादी के बाद तक देशहित को समर्पित रहा। विपक्ष के नेता से लेकर प्रधानमंत्री तक उन्होंने भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ खड़े होकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देश के हित में अपनी भूमिका निभाई।
डॉ. मोहन यादव ने अटल बिहारी वाजपेयी के संयुक्त राष्ट्र में दिए गए हिंदी भाषण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदी में संबोधन कर अटल जी ने भारतीय भाषा और संस्कृति का गौरव बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित करने में अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में लिए गए निर्णयों को देश की रणनीतिक क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से किए गए हमले का भारत ने अटल जी के नेतृत्व में मजबूती से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उस दौर में सरकार ने देश की सुरक्षा और संप्रभुता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
डॉ. यादव ने अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल की विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज योजना प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी पहलों ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी लंबे समय तक विपक्ष की राजनीति में रहने के बावजूद अपने विचारों और सिद्धांतों पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा से तीन बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता अटल जी थे। 24 दलों के सहयोग से सरकार चलाकर उन्होंने गठबंधन राजनीति में भी एक उदाहरण पेश किया।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक जीवन और राष्ट्र के प्रति योगदान को देश लंबे समय तक याद रखेगा। उनके विचार, नेतृत्व शैली और सार्वजनिक जीवन की प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।