वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम-2026 के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के एक्ज़ीक्यूटिव को-चेयर एवं निदेशक अवराम एवी ग्लेज़र से मुलाक़ात कर खेल विकास और निवेश को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश को एक उभरते वैश्विक खेल हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर विचार करना रहा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश खेल अधोसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, खेल अकादमियों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से राज्य को खेलों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि खेलों से जुड़े निवेश, प्रशिक्षण शिविर, अंतरराष्ट्रीय मैच और टूर्नामेंट जैसे आयोजन न केवल खेल पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं मानती, बल्कि इन्हें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, युवाओं के सर्वांगीण विकास तथा सामाजिक जुड़ाव का सशक्त माध्यम मानती है। उन्होंने विशेष रूप से फुटबॉल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और फिटनेस विकसित करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर राज्य की पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मैनचेस्टर यूनाइटेड के निदेशक अवराम एवी ग्लेज़र ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विचारों से सहमति जताते हुए कहा कि फुटबॉल स्वास्थ्य, युवाओं के विकास और सामुदायिक जुड़ाव के साथ-साथ खेल पर्यटन को भी नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्लबों, उच्चस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों और वैश्विक आयोजनों के माध्यम से किसी क्षेत्र को विश्व खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया जा सकता है।
बैठक के दौरान ग्रासरूट फुटबॉल कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, प्रशिक्षण अकादमियों की स्थापना और खेल पर्यटन आधारित सहयोग मॉडल जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। निदेशक ग्लेज़र ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक क्षमताओं को देखते हुए मैनचेस्टर यूनाइटेड और उससे जुड़े वैश्विक नेटवर्क राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग के अवसर तलाशने को तैयार हैं।
इस संवाद को मध्यप्रदेश के लिए खेल, पर्यटन और निवेश के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि खेल आधारित विकास मॉडल से न केवल युवाओं को अवसर मिलेंगे, बल्कि मध्यप्रदेश वैश्विक खेल मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।