1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. मुख्यमंत्री नितीश कुमार की भावुक अपील : यह मेरा अंतिम चुनाव

मुख्यमंत्री नितीश कुमार की भावुक अपील : यह मेरा अंतिम चुनाव

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
मुख्यमंत्री नितीश कुमार की भावुक अपील : यह मेरा अंतिम चुनाव

मुख्यमंत्री नितीश कुमार की भावुक अपील कि यह मेरा अंतिम चुनाव

बिहार में चुनाव प्रचार 5 नवम्बर को खत्म हो गया। आखिरी दिन मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने पूर्णिया में जनता से भावुक अपील कि यह मेरा अंतिम चुनाव है, अंत भला सो सब भला, वोट दीजियेगा न? एक दिन पहले ही बुधवार 4 नवम्बर को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ बिहार के सीमंचल में गरजे थे।

कटिहार में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था, मोदीजी ने घुसपैठियों के मुद्दे का समाधान निकाल लिया है। नागरिकता कानून से उन्होंने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के सताए हुए अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

कोई भी घुसपैठिया जो देश की सुरक्षा का उल्लंघन करता है, उसे देश से बाहर फेंक दिया जाएगा। हम देश की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी को भी नहीं बख्शेंगे। इस पर बुधवार को ही नितीश कुमार ने कोचाधामन की अपनी रैली में बिना योगी का नाम लिए कहा, कौन फालतू बातें करता रहता है। सब हिंदुस्तान के हैं, सब भारत के हैं, कौन किसको बाहर करेगा।

ये सब कैसी बातें करते रहते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि योगी बिहार में जेडीयू-बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करने गये थे। लेकिन योगी जैसे स्टार प्रचारक के प्रहार को नितीश ने उसी दिन जिस तरह से काटा, उसे लेकर अब तरह-तरह की बाते हो रहीं।

लेकिन इसमें कुछ भी नया या अनोखा नहीं है। नितीश पहले भी पिछले साल दिसम्बर में एनआरसी का विरोध कर चुके हैं हालांकि सीएए का समर्थन किया था।

निसंदेह एनडीए के स्टार प्रचारकों में यूपी के सीम योगी आदित्यनाथ अग्रिम पंक्ति में आते हैं। गैर हिंदीभाषी राज्य हों या हिन्दी बेल्ट, हर जगह एक ही अंदाज, शैली और एक ही अजेंडे के साथ वो फायर ब्रांड नेता हैं। ऐसे में उनके प्रचार अभियान का कितना असर पडा, इसका सहज और सीधा आकलन नहीं किया जा सकता।

किस राज्य के किस क्षेत्र में उन्होंने क्या कहा इसका असर अलग-अलग होता है। जैसे सीएम योगी ने कटिहार में जब एनआरसी की बात की तो यह भी देखना होगा कि वहां जातीय समीकरण क्या हैं। कटिहार में जेडीयू-बीजेपी, आरजेडी-कांग्रेस महागठबंधन और उपेन्द्र कुशवाहा के ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट’ के प्रत्याशी आमने-सामने हैं।

इस नए गठबंधन में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम, उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा, मायावती की बसपा के अलावा समाजवादी जनता दल डेमोक्रेटिक, जनतांत्रिक पार्टी सोशलिस्ट, सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी शामिल हैं। इस फ्रंट ने उपेन्द्र कुशवाहा को सीएम की तौर पर प्रोजेक्ट किया है। एक तरफ यूपी के सीएम योगी ने मतदाताओं की एकजुटता या ध्रुवीकरण के लिए नागरिकता का अग्निबाण छोड़ा तो नितीश ने तुरंत उस पर ‘हम सब हिन्दुस्तानी’ वाला पानी डाल दिया।

योगी के अग्निबाण का यूपी, खासकर पश्चिमी यूपी में अलग असर होता है लेकिन बिहार सीमांचल में इससे कितना ध्रिवीकरण होगा यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। एक बात तो पक्की है योगी के प्रहार और नितीश के जवाब से क्षेत्र का मुस्लिम मतदाता आरजेडी-कांग्रेस महागठबंधन और उपेन्द्र कुशवाहा के ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर फ्रंट’ में बंटेगा।

इस बीच प्रचार के आखिरी दिन प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार में एनडीए को जिताने की अपील के साथ चार पेज का एक पत्र बिहार की जनता के नाम जारी कर दिया। इसमें जाति, धर्मं, नागरिकता की कोई बात नहीं की गई है। बल्कि बिहार के स्वर्णिम इतिहास की याद दिलाते हुए राज्य को विकास, सुख और समृद्धि की ओर ले जाने की बात कही गई है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...