मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुभाष हायर सेकेंडरी स्कूल में बोर्ड परीक्षाओं को लेकर मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने हाल ही में स्कूल परिसर में छात्रावास के विद्यार्थियों के साथ हुए संवाद का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें परीक्षा से जुड़े अनावश्यक मानसिक बोझ से मुक्त करना था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा को लेकर जरूरत से ज्यादा तनाव नहीं लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2017 से लगातार ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी का आत्मविश्वास बनाए रखना और परीक्षा को डर नहीं, बल्कि सीख का माध्यम बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ दी गई परीक्षा ही बेहतर परिणाम देती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि संवाद के दौरान उन्होंने बच्चों से ही प्रश्न पूछे और उनके उत्तरों के माध्यम से चर्चा को आगे बढ़ाया। बातचीत के विषयों में पढ़ाई के दौरान एकाग्रता, परीक्षा के प्रश्न हल करने की रणनीति, सोशल मीडिया का प्रभाव, माता-पिता की अपेक्षाएं और विद्यार्थियों के भविष्य के लक्ष्य शामिल रहे। इस खुले संवाद से बच्चों को अपनी बात रखने और आत्ममंथन करने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों की जानकारी देते हुए बताया कि अब बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों को अपने प्रदर्शन में सुधार का एक और अवसर मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस वर्ष से 9वीं और 11वीं कक्षा की परीक्षाएं भी साल में दो बार कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि छात्र पाठ्यक्रम को बेहतर तरीके से समझ सकें और अपनी तैयारी को और मजबूत कर सकें।
अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि विद्यार्थियों का यह आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी, बल्कि राज्य और समाज की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।