1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. चाणक्य ने बताया- ब्राह्मणों के पास क्यों नहीं जाती मां लक्ष्मी, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

चाणक्य ने बताया- ब्राह्मणों के पास क्यों नहीं जाती मां लक्ष्मी, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
चाणक्य ने बताया- ब्राह्मणों के पास क्यों नहीं जाती मां लक्ष्मी, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

रिपोर्ट: सत्य़म दुबे

नई दिल्ली: आचार्य चाणक्य जिन्होने चंद्रगुप्त मौर्य को अपनी नीति और शास्त्र से राजगद्दी पर बैठाया था। राजनीति,अर्थनीति,कृषि,समाजनीति आदि ग्रंथो की रचना की थी। जिसके बाद दुनियां ने इन विषयों को पहली बार देखा है। आज हम आचार्य चाणक्य के उस नीति की बात करेंगे। जिसमें मां लक्ष्मीं की कृपा का वर्णन किया गया है।

आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतिशास्त्र में एक श्लोक के माध्यम से मां लक्ष्मीं की कृपा के बारे में बताया है। खास बात यह है कि इस नीति में चाणक्य ने ब्राह्मणों के पास लक्ष्मीं क्यों नहीं जाती इसका कारण बताया है?

पीत: क्रुद्धेन तातश्चरणतलहतो वल्लभेऽयेन रोषा

आबाल्याद्विप्रवर्यै : स्ववदनविरे धर्यते वैरिणी मे।

गेहं मे छेदयन्ति प्रतिदिवसममाकान्त पूजानिमित्तात्

तस्मात् खिन्ना सदाहं द्विज कुलनिलयं नाथ युक्‍तं त्‍यजामि।।

आचार्य चाणक्य अपने इस नीति में कहते हैं कि लक्ष्मीं कुछ खास कारणों से ब्राह्मणों के पास नहीं जाती हैं। आइये जानते वो कारण जिसको आचार्य चाणक्य़ ने अपनी इस नीति में बताया है। चाणक्य ने एक श्लोक के माध्यम से बताया कि लक्ष्मीं ने विष्णु से कहा कि अगस्त ऋषि ने मेरे पिता यानि कि समुद्र को पी डाला था। जबकि मृगु ने मेरे पति के सीने पर लात मारी थी, इतना ही नहीं सरस्वती से मेरा जन्मजात वैर है। जिसके कारण मैं ब्राह्मणों के पास नहीं ठहरती हूं।

बात इतनी हो तो कुछ भी नहीं लक्ष्मीं ने आगे कहा कि पूजा के लिए हमेशा कमल के फूल को तोड़ा जाता है, जो कि मेरे लिए घर के समान है। ऐसे में मुझे अनेक प्रकार से ब्राह्मणों ने हानि पहुंचाई है, इसलिए मैं उनके घरों में कभी नहीं जाऊंगी।

आचार्य चाणक्य के अनुसार ब्राह्मणों के निर्धन होने का करण उनके द्वारा लक्ष्मीं जी को प्रताड़ित करना तथा सरस्वती को अधिक अहत्व देना है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...