अगर आपने ऑनलाइन एप के जरिये लोन लिया है और उसके रिकवरी एजेंट आपको बार-बार कॉल कर रहे हैं या आपके स्वजनों को फोन कर परेशान कर रहे हैं तो इसकी शिकायत साइबर क्राइम ब्रांच में कर सकते हैं।
तत्काल ऑनलाइन लोन के नाम पर भोपाल सहित देश के कई शहरों में चल रहे गिरोह का शिकार हुए करीब 30 से 40 लोग हर दिन भोपाल में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
इधर, हैदराबाद साइबर सेल की कार्रवाई के बाद मोबाइल ई-लोन एप- कैश मामा, लोन जोन, धनाधन लोन, कैश अप, कैश बस, मेरा लोन और कैश जोन एप गूगल प्ले स्टोर से हट गए हैं।
इन्हें दिल्ली और बेंगलुर की विभिन्न कंपनियों से संबद्ध होना बताया जा रहा है। इन एप के रिकवरी एजेंट्स का फोन उपभोक्ताओं को आना बंद हो गया है।
वहीं, जिनके मोबाइल पर यह एप इंस्टॉल है, उनसे एप अपडेट मांग रहा है लेकिन अपडेट करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर कोई लिंक नहीं मिल रही है। दरअसल, साइबर पुलिस की कार्रवाई के बाद गूगल को पत्र लिखकर इन एप को बंद करने के लिए कहा गया था।
भोपाल में दो हजार से अधिक लोगों ने लिया है ऐसे एप के माध्यम से लोन
पुलिस के अनुमान के मुताबिक भोपाल में इन एप से लोन लेने वाले लोगों की संख्या दो हजार से अधिक है। अब तक साइबर पुलिस के पास फोन पर लोन चुकाने के लिए धमकी देने की एक हजार शिकायतें आ चुकी हैं।
जिन नंबरों से उपभोक्ताओं को फोन किया जा रहा है उन नंबरों को ट्रैक करने पर वे या तो बंद बता रहे हैं या फिर नंबर पर कोई आइडी न होने के कारण कॉल ट्रेस नहीं हो पा रही है।
इतना ही नहीं कई उपभोक्ताओं को तो इंटरनेट कॉलिंग के जरिये फोन आ रहे हैं, अधिकांश शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें दक्षिण भारतीय रिकवरी एजेंट फोन कर रहे हैं।