रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पत्रकार किसी बदले की कार्रवाई का भय माने बिना अपनी बात कह सकता है।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने अरनब गोस्वामी की दो याचिकाओं पर सुनाए गए फैसले में कहा कि एक पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मामले दायर नहीं किए जा सकते हैं।
अरनब गोस्वामी ने पालघर में दो साधुओं सहित तीन व्यक्तियों की पीट-पीटकर हत्या किये जाने की घटना के बारे में अपने कार्यक्रम को लेकर दर्ज प्राथमिकी और निजी शिकायतों में चल रही आपराधिक जांच निरस्त करने के लिये ये याचिकायें दायर की थीं।
पीठ ने अरनब गोस्वामी को राहत प्रदान करते हुए नागपुर से मुंबई ट्रांसफर किए गए मामले को छोड़कर अन्य सभी एफआईआर रद्द कर दीं है।