हाथों में मेहंदी लगाए मायूस बैठी बुलंदशहर की इस बेटी की शादी दिल्ली के साम्प्रदायिक दंगों के भेंट चढ़ गई। दअरसल, बुलंदशहर के सिकन्द्राबाद रिसालदार की रहने वाली नगीना की दिल्ली के मुस्तफाबाद से 25 फरवरी बरोज मंगलवार को बारात आना मुकर्रर हुई थी। मगर मुस्तफाबाद में भड़के दंगों की वजह से बारात नगीना की चौखट तक नहीं पहुंच पाई। और नगीना के हाथों में शादी की महंदी रची की रची रह गई। बारात नहीं आने से ना सिर्फ़ नगीना के परिजन बल्कि उनके पड़ोस में रहने वाले हिन्दू परिवार भी सदमे में है।
नगीना के परिजनों के मुताबिक उनकी दो बेटियां की शादी दिल्ली में तय हुई थी, जिसमें नगीना की बहन की शादी ओखला, जबकि नगीना की बारात दिल्ली के मुस्तफाबाद से आनी थी ओखला से आने वाली बारात तो तय समय अनुसार पहुंच गई मगर पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़कने के कारण मुस्तफाबाद से बारात सिकन्द्राबाद नहीं पहुंच सकी।
बारात ना पहुंच पाने के कारण ना सिर्फ नगीना के घर बल्कि पड़ोस में भी मायूसी छाई है। पड़ोसी पवन कुमार का दावा है कि, गरीब यामीन ने शादी के लिए कर्ज़ लेकर बामुश्किल शादी की तैयारियां की थी, मगर बारात ना पहुंचने के कारण पूरा मोहल्ला सदमे में है।
जहां दिल्ली में जली नफ़रत की आग की तपन कितनी ही चौखटों तक पहुंची थी। तो वहीं बुलंदशहर में रहने वाले नगीना के पिता है और उनके पड़ोस में रहने वाले हिन्दू परिवार दिल्ली के लोगों से भाईचारे से रहने और आपसी सौहार्द कायम करने की अपील कर रहें हैं।