रिपोर्ट: नंदनी तोदी
देहरादून : उत्तराखंड में आने वाले साल में विधानसभा चुनाव होने ही वाले थे, उससे पहले बीजेपी सरकार को बड़ा झटका लगा है। जिससे देवभूमि में सियासी जंग तेज़ हो गई है। दरअसल, बीते शनिवार को अचानक से बुलाई गई कोर कमेटी में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री का देहरादून पहुंचना और नौ मार्च तक चलने वाले बजट सत्र को 6 मार्च को ही स्थिगित करना चर्चा का विषय बन गया है, जिसके बाद सीएम के नए चेहरों के नाम सामने आ रहे है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री के खिलाफ कई मंत्री और विधायक लम्बे वक्त से पिछले तीन साल से आरोप लगा रहे हैं कि अफसरशाही जन प्रतिनिधियों की नहीं सुनती और विधायकों का सम्मान भी नहीं मिल रहा है।
इन सभी आरोपों के तहत सीएम रावत क दिल्ली बुलाया गया है। जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि अब सीएम का नया चेहरा दिखेगा।
आपको बता दें, सबसे दिलचस्प बात ये है कि उत्तराखंड के बीजेपी के सभी सीएम अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएं हैं। इससे पहली भी ऐसा हुआ था जब भारतीय जनता पार्टी के सीएम को बीच में अपना पद छोड़ना पड़ा था।
चूंकि इस साल भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है, तो इसी बीच सीएम के नए चहरे के लिए राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, नैनीताल से लोकसभा सांसद अजय भट्ट और मंत्री सतपाल महाराज का नाम सामने आ रहा है।