Home kolkata भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को टिकट देने से हारी बीजेपी, सैकड़ा का भी आंकड़ा नहीं कर सकी पार !

भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को टिकट देने से हारी बीजेपी, सैकड़ा का भी आंकड़ा नहीं कर सकी पार !

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नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा था कि इस चुनाव में बीजेपी 100 का भी आंकड़ा नहीं पार कर सकेगी, बजकि बीजेपी ने 200 प्लस का दावा किया था। लेकिन एक बार फिर बीजेपी को अपने रणनीति और अपने दावों की वजह से मुंह की खानी पड़ी। पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपने तमाम दिग्गज नेताओं को मैदान में उतार दिया था, टीएमसी के बगावती नेताओं को अपनी पार्टी में जगह दिया। लेकिन ये सब धरा का धरा रह गया।

आपको बता दें कि अभी तक चुनाव रूझान में टीएमसी 212, बीजेपी 78, लेफ्ट+ INC+ISF = 1, और अन्य ने 1 सीट हासिल किया है। वहीं इस जीत के बाद भी चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अब आगे किसी दल के साथ काम नहीं करने का ऐलान किया है। वहीं उन्होंने बीजेपी के उन खामियों को भी बताया जिस कारण से बीजेपी की इतनी शर्मनाक हार हुई।

प्रशांत किशोर ने कहा कि, ”बीजेपी को धर्म का इस्तेमाल करने देने से लेकर मतदान कार्यक्रमों और नियमों में ढील देने तक, निर्वाचन आयोग ने बीजेपी की सहायता करने के लिए सब कुछ किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव के दौरान जो गलतियां की थीं, उन्हें नहीं दोहराया, जबकि बीजेपी उस चुनाव में जहां थी उसी रणनीति पर वो विधानसभा चुनाव में आ गई।

पीके ने उदाहरण देते हुए बताया कि बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में भी जयश्रीराम का नारा दिया था, और अब भी वो इसी पर रही। जबकि ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव की अपनी गलतियों से सीखते हुए बदलाव किया। इसके अलावा पीके ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस छोड़कर जितने भी नेता बीजेपी में गए, उनकी खूब चर्चा हुई। मीडिया में खूब तारीफ हुई और कहा गया कि टीएमसी टूट गई है। जबकि सच्चाई ये थी कि टीएमसी का जो कचरा था वो बीजेपी ने अपने पास रख लिया। पीके ने बताया कि बीजेपी में जितने भी नेता टीएमसी छोड़कर आए उनमें से ज्यादातर ऐसे थे जो या तो भ्रष्टाचार में लिप्त थे, या उनका कोई आधार नहीं था।

पीके ने ये भी कहा कि हमारी जीत में हमने बहुत गलती की है, जीत हमें दूसरों से ज्यादा काबिल नहीं बनाती है लेकिन बीजेपी उसी जगह खड़ी है जो यात्रा उन्होंने 4-5 साल पहले शुरू की थी। साथ ही हिंदू ध्रुवीकरण पर उन्होंने कहा कि कोई भी समुदाय हो 50 फीसदी से ज्यादा एकुजट नहीं हो पाता है। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2016 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली एआईटीसी ने 211 सीटों पर जीत हासिल की थी। लेफ्ट व कांग्रेस के खाते में कुल 70 सीटें आई थीं। वहीं भाजपा सिर्फ 3 सीटों पर सिमटकर रह गई थी।

आपको बता दें कि चुनाव में बढ़त के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैट्रिक लगाने जा रही हैं और उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी और पूर्व टीएमसी नेता शुभेन्दु अधिकारी को नंदीग्राम से हराकर एक और जीत अपने नाम किया।

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