पश्चिम बंगाल में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद बीजेपी और सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के बीच बयानों का हमला तेज हो गया है। तृणमूल और बीजेपी की जंग चुनाव आयोग तक पहुंच गई।
बंगाल बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की है। बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को 2 पेज का ज्ञापन भी सौंपा है। ज्ञापन में जेपी नड्डा पर हुए हमले का जिक्र किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया कि पुलिस निष्पक्ष नहीं है। वेस्ट बंगाल पुलिस टीएमसी के कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है। उन्होंने अपने ज्ञापन में मांग की है कि राज्य में अभी से अर्धसैनिक बल की नियुक्ति की जाए।
अपने ज्ञापन में बीजेपी ने यह भी कहा है कि राज्य के जो सरकारी कर्मचारी हैं, वो मीटिंग करके यह कह रहे हैं कि वह टीएमसी को सपोर्ट करेंगे। ऐसे में यह अधिकारी जैसे निष्पक्ष चुनाव करवा पाएंगे। चुनाव आयोग इस पर संज्ञान ले।
इस ही के साथ आप को बता दें कि जेपी नड्डा की बंगाल यात्रा के दौरान 10 दिसंबर को 24 परगना में उनके काफिले पर ईंट-पत्थर से हमला किया गया था। नड्डा ने इसके लिए तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया था और गृहमंत्री अमित शाह ने भी कहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इसके लिए जवाब देना होगा।
जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले का शिकार बने बीजेपी के महासचिव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विजयवर्गीय को अब Z सिक्योरिटी के साथ साथ बुलेटप्रूफ गाड़ी दी गई है।