लोकसभा में शुक्रवार को बीजेपी और कांग्रेस के सांसदों के बीच खुब हंगामा हुआ। हंगामा इतना बढ़ गया कि मामला धक्का-मुक्की तक आ पहुंचा। प्रश्नकाल के दौरान जब केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने राहुल गांधी के डंडेमार बयान का जैसे ही जिक्र किया वैसे ही कांग्रेस नेताओं में आग सी लग गई। संसद के अंदर ही धक्का मुक्की तक की नौबत आ गई।
दरअसल, राहुल गांधी के एक सवाल का जवाब देने से पहले हर्षवर्धन ने कहा कि, राहुल गांधी के प्रश्न का उत्तर देने से पहले मैं प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ उनके एक बयान का उल्लेख करना चाहूंगा और उसकी निंदा करना चाहूंगा जिसमें उन्होंने कहा था कि वह छह महीने बाद देश के युवा प्रधानमंत्री को डंडे मारेंगे। इसी दौरान कांग्रेस के सदस्य जोरदार तरीके से विरोध करने लगे और पार्टी सदस्य मणिकम टैगोर सत्ता पक्ष की अग्रीम पंक्ति के पास पहुंच गए और दूसरी पंक्ति में जवाब दे रहे हर्षवर्धन के ठीक सामने पहुंचकर हाथ दिखाकर विरोध जताने लगे।
विवाद को बढ़ता देख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की बैठक दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी। टैगोर, हर्षवर्धन के बिल्कुल सामने पहुंच गए थे जिन्हें रोकने के लिए कई मंत्री और बीजेपी सांसद आगे आ गए। टैगोर के पीछे-पीछे केरल से कांग्रेस सदस्य हिबी इडेन भी सत्तापक्ष की ओर पहुंच गए। इस दौरान संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल, महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी सहित कई मंत्री और भाजपा सदस्य उन्हें रोकने के लिए पहुंचे गए। बीजेपी सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने सबसे पहले पहुंचकर टैगोर को रोकने का प्रयास किया और वह उनसे नाराजगी में कुछ कहते नजर आए।
हंगामे की इस तरह स्थिति देखते हुए अध्यक्ष ओम बिरला ने करीब 11: 50 बजे सदन की बैठक दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी। वहीं सदन के बाहर आने के बाद बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा जब केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन बोल रहे थे तो कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर आवोशित होकर उनकी ओर बढ़े। यह लोकतंत्र के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रहलाद जोशी ने कहा कि राहुल गांधी के उकसावे के बाद अब उन्होंने सोचा कि डंडे वाला रास्ता ही दिखाया जाए। डॉ हर्षवर्धन के साथ हाथापाई की कोशिश की गई है। यह कांग्रेस की कुंठा और गुंडागर्दी की चरम सीमा को दिखाता है।