मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और विधानसभा में लगातार हो रहे गतिरोध को लेकर कड़ा हमला बोला है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस विकास और संवाद की बजाय संघर्ष को बढ़ावा देने की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सदन की कार्यवाही बाधित कर जनता के मुद्दों पर सार्थक चर्चा से बचती रही है।
सीएम ने कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया की भाषा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी के बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती, जो कांग्रेस की कार्यशैली और राजनीतिक संस्कारों को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने राम मंदिर के मुद्दे को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस इस विषय पर स्वार्थ की राजनीति करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने हमेशा आस्था के विषयों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया।
किसानों के हितों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भू-अधिकार पट्टे दिए गए हैं। इन पट्टों से जुड़ा कुल मूल्य लगभग ₹3,500 करोड़ है। उन्होंने घोषणा की कि इन पट्टों का रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा और रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
सीएम ने कहा कि जैसे ही दस्तावेज तैयार होंगे, किसान अपनी जमीन पर ऋण लेने सहित सभी कानूनी अधिकारों का उपयोग कर सकेंगे। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें संस्थागत वित्त तक पहुंच आसान होगी।
मुख्यमंत्री ने इस फैसले को गरीब और छोटे किसानों के हित में सरकार का बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसान सशक्त बनें और उनकी जमीन ही उनकी आर्थिक मजबूती का आधार बने।