शिवपुरी के पिछोर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोपों के बाद न्याय की मांग को लेकर 5 से 9 जुलाई तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन की घोषणा की गई है। कार्यकर्ताओं ने अब तक कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई है।
शिवपुरी के पिछोर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोपों के बाद न्याय की मांग को लेकर 5 से 9 जुलाई तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन की घोषणा की गई है। कार्यकर्ताओं ने अब तक कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई है।
छिंदवाड़ा में NSUI कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नकली नोट उड़ाए और पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया।
ग्वालियर के सिंधिया छावनी क्षेत्र में सड़क धंसने और सीवर चेंबर के पास बने गहरे गड्ढे को लेकर कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खराब सड़कें, सीवर ओवरफ्लो और अन्य बुनियादी समस्याओं के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शर्मा ने कहा कि यदि जल्द सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस द्वारा आंदोलन किया जाएगा।
श्योपुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवपुरी रोड स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भाजपा कार्यालय के सामने सद्बुद्धि हवन यज्ञ भी किया। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। इसी बीच एसडीओपी राजीव कुमार गुप्ता और कांग्रेस नेताओं के बीच
शाजापुर में मुख्यमंत्री के एक बयान को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन और पुतला दहन के मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक विरोध बताते हुए कहा कि वे अपने मुद्दों को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।
कल शाजापुर जिले में शुजालपुर में दिए गए एक बयान को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बस स्टैंड पर पुतला दहन किया और नाराजगी व्यक्त की, जिसमें उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मर्यादित भाषा का प्रयोग होना चाहिए और इस तरह के बयानों से राजनीतिक गरिमा प्रभावित होती है, वहीं प्रदर्शन को लेकर पहले से योजना बनाई गई थी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे
उज्जैन में किसान कांग्रेस अध्यक्ष अशोक जाट को जिलाबदर किए जाने के विरोध में कांग्रेस और किसान संगठनों का प्रदर्शन उग्र हो गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ट्रैक्टरों के साथ शहर में पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प और नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिसमें एक किसान घायल हो गया और तीन लोगों
Panna में किसान नेता अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी किसानों का प्रदर्शन तेज हो गया। Vikrant Bhuria और Abhishek Parmar सहित बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एसपी कार्यालय पहुंचे और घेराव कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। डैम परियोजनाओं से प्रभावित किसान गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं, जबकि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और सदन के गतिरोध पर तीखा हमला बोला। साथ ही किसानों के भू-अधिकार पट्टों की रजिस्ट्री का खर्च सरकार द्वारा उठाने की घोषणा की।