कृषि कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर सरकार और किसान की बीच पांचवें दौर की वार्ता आज होने जा रही है। बता दे विज्ञान भवन में दोपहर 2 बजे होने वाली इस वार्ता में विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और सरकार के मंत्री भाग लेंगे। वहीं वार्ता से पहले किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर बैठक करके तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की।
फिलहाल इस बीच किसान आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री आवास पर एक बड़ी बैठक शुरू हो गई है। जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर शामिल हैं।
वहीं मीटिंग में जाने से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ‘आज किसानों के साथ दोपहर 2 बजे मीटिंग होनी है। मुझे उम्मीद है कि किसान सकारात्मक रूप से सोचेंगे और आंदोलन को खत्म कर देंगे।
किसान आंदोलन का आज 10 वां दिन है। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर किसानों के साथ जवान भी तैनात हैं। ठंड से बचने के लिए किसान अलाव का सहारा ले रहे हैं। किसानों ने कहा है कि केंद्र से बातचीत का आज कोई नतीजा नहीं निकला तो वो संसद का घेराव करेंगे।
उधर दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने डेरा डाल दिया है। किसान सड़क पर ही भोजन बना रहे हैं। किसान आंदोलन के साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं। केंद्र सरकार से आर-पार की लड़ाई में लगे किसान अपनी सेहत से समझौता नहीं कर रहे हैं।
वहीं दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर भी किसानों का जमावड़ा है। किसानों के आंदोलन की वजह से जाम के हालात बने हुए हैं और लोगों को कई तरह की परेशानियां भी हो रही हैं, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। किसान केंद्र सरकार से नए कृषि कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। बैठक से पहले जो संकेत मिल रहे हैं उसमें दोनों ही ओर से कोई झुकने को तैयार नहीं हैं, लेकिन किसानों ने आज की बैठक में समाधान निकलने की उम्मीद जताई है। ऐसे में किसानों के साथ पांचवीं बैठक में बात बनेगी या नहीं इस पर हर किसी की निगाहें हैं।
फिलहाल प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है। किसानों ने पांचवीं बैठक से पहले सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाकर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की।
किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं तो वो दिल्ली आने वाले बाकी रास्ते भी जाम कर देंगे। किसानों ने कहा कि मंडी खत्म ना हो, एमएसपी लागू रहे। उन्होंने 26 जनवरी को दिल्ली में परेड करने की चेतावनी भी दी।
बता दें कि किसानों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। किसानों ने केंद्र सरकार से किसान आयोग के गठन की मांग की है। प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि कृषि कानून पर आर-पार की लड़ाई होगी। उन्होंने सरकार को खुले में आकर बात करने की सलाह भी दी।
सूत्रों के अनुसार किसान आंदोलन की वजह से दिल्ली के 5 बॉर्डर को बंद रखा गया है। किसानों को दिल्ली के बाहर रोकने के लिए पुलिस ने दिल्ली समेत NCR की कई सीमाओं और रास्तों को बंद कर रखा है। ऐसे में आने-जाने वालों को परेशानी ना हो इसके लिए दिल्ली पुलिस लगातार ट्रैफिक अलर्ट जारी कर रही है।